
Bilaspur High Court: बिलासपुर हाईकोर्ट ने शिक्षिका के अटैचमेंट आदेश को रद्द करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पाया कि जिला शिक्षा अधिकारी ने शासन के नियमों के विरुद्ध शिक्षिका का अन्य स्कूल में संलग्नीकरण कर दिया था।
प्रकरण के अनुसार हेमलता ध्रुव बस्तर के बकावंड स्थित कस्तूरबा गांधी गर्ल्स स्कूल में अंग्रेजी विषय के व्याख्याता के रूप में कार्यरत हैं। जिला शिक्षा अधिकारी जगदलपुर ने 20 जनवरी 2025 को आदेश जारी कर उनको कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बकावंड से हाई स्कूल मोहलाई में अटैच कर दिया। जिस स्कूल में उनको अटैच किया, वह वर्तमान पदस्थापना स्थान से 60 किलोमीटर दूर है। जबकि किसी कर्मचारी को एक स्थान से दूसरे स्थान पर अटैच करने पर पूर्ण प्रतिबंध है।
इस संदर्भ में 4 जून 2001 को राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने परिपत्र भी जारी किया है, जिसके अनुसार कर्मचारियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर अटैच नहीं किया जा सकता। अपने अटैचमेंट को याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता के माध्यम से चुनौती देकर कहा कि याचिकाकर्ता को उनके वर्तमान पदस्थापन सथल से शासकीय हाईस्कूल मोहलाई में अटैच किया जाना राज्य शासन के नियमों के विपरीत और अवैधानिक है।
राज्य सरकार ने किसी भी कर्मचारी के संबद्धीकरण पर प्रतिबंध लगा दिया है, इसलिए डीईओ का आदेश राज्य के नियमों के भी विपरीत और आपत्तिजनक है। यह आदेश रद्द किया जाना चाहिए। सुनवाई के बाद जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच ने अटैचमेंट आदेश को रद्द करने के निर्देश दिए। हालांकि कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को याचिकाकर्ता के खिलाफ नियम अनुसार उचित आदेश पारित करने की छूट दी है। इस निर्देश के साथ कोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी।
Updated on:
21 Feb 2025 01:58 pm
Published on:
21 Feb 2025 01:58 pm
