
बिलासपुर . शहरवासियों को संक्रमित और ई-कोलाई बैक्टीरिया युक्त पानी पिलाने पर बिलासपुर नगर निगम आयुक्त ने हाईकोर्ट में शपथपत्र में जवाब दिया है। 8 जनवरी को मामले की पिछली सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन एवं जस्टिस शरद कुमार गुप्ता की युगलपीठ ने बिलासपुर नगर निगम को आड़े हाथों लेते हुए संविधान के अनुच्छेद 243 डब्ल्यू का हवाला देते हुए नगर पालिका को भंग करने तक की चेतावनी जारी की थी। युगलपीठ ने कोर्ट कमिश्नरों के सुझावों पर अमल नहीं करने पर गहरी नाराजगी जताते हुए आयुक्त को महापौर और एमआईसी की सहमति से 16 जनवरी तक मामले की पूरी रिपोर्ट शपथपत्र में देने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को नगर निगम आयुक्त ने सीजे की युगलपीठ में शपथपत्र में जवाब पेश किया है।
17 नवंबर को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय कोर्ट कमिश्नरों की रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई की जा रही है। दिए गए सुझावों पर कितना अमल किया जा रहा है। इस संबंध में रायपुर के लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता एवं बिलासपुर नगर निगम को सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। पीएचई के प्रमुख अभियंता एवं बिलासपुर नगर निगम द्वारा रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में यह पाए जाने पर कि बिलासपुर नगर पालिका निगम द्वारा कोर्ट कमिश्नरों के अधिकतम सुझावों पर कोई कार्य ही शुरू नहीं किया गया है। यहां तक कि दिए गए सुझावों पर कोई टिप्पणी करने तक की जरुरत महसूस नहीं की गई। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगर निगम को नोटिस जारी किया था, मामले की विस्तृत रिपोर्ट शपथपत्र में देने के निर्देश दिए थे। मामले की आगामी सुनवाई 12 फरवरी को होगी।
Published on:
17 Jan 2018 11:21 am
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