
कोनी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि (फोटो सोर्स- Freepik)
Bird Flu: बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर जहां कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में 5 हजार के करीब मुर्गियों की मौत के बाद संक्रमण की पुष्टि हुई है, वहीं दूसरी ओर खमतराई इलाके में ड्रीम सिटी कॉलोनी के पास बोरियों में भरी मरी हुई मुर्गियां मिलने से लापरवाही उजागर हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने मरे हुए पक्षियों को दफनाने का दावा किया था, लेकिन इसके बावजूद खुले में फेंके गए मुर्गों से इलाके में बदबू फैल रही है और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
कोनी स्थित कुक्कुट पालन परिसर में 18 मार्च से मुर्गियों की मौत शुरू हुई थी। शुरुआत में इसे सामान्य बीमारी माना गया, लेकिन पांच दिनों के भीतर मौत का आंकड़ा 5 हजार से अधिक पहुंच गया।पोल्ट्री फार्म के प्रबंधक ने पहले इसे सामान्य बीमारी समझकर गंभीरता से नहीं लिया, बाद में मामले की जानकारी संयुक्त संचालक डॉ. जीएसएस तंवर और कलेक्टर संजय अग्रवाल को दी गई।
स्थिति को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने मौके का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग ने करीब 50 कर्मचारियों को पीपीई किट और टेमीफ्लू दवाइयां वितरित की हैं। साथ ही, ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के सैंपल जांच की तैयारी की गई है और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की जांच की जाएगी।
पशु चिकित्सा विभाग ने 9 सदस्यीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम गठित की है। डॉ. आरके गुप्ता के नेतृत्व में टीम पीपीई किट पहनकर पक्षियों के नष्टीकरण और संक्रमण नियंत्रण में जुटी है। पूरे इलाके में चूना, ब्लीचिंग पाउडर और एंटीवायरल स्प्रे का छिडक़ाव किया जा रहा है।
पोल्ट्री प्रक्षेत्र के 1 किलोमीटर दायरे को संक्रमित क्षेत्र घोषित कर घेराबंदी कर दी गई है। मुर्गियों की देखभाल करने वाले 20 कर्मचारियों को क्वारंटाइन करने की तैयारी की जा रही है।
गौरतलब है कि फरवरी 2025 में रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में भी एच5एन1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी, जहां हजारों मुर्गियां, चूजे और अंडे नष्ट किए गए थे। बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही शहर में एहतियातन कड़े कदम उठाए गए हैं। दुकानदारों ने चिकन व अंडे की दुकानें बंद कर दी है। कोनी स्थित कुक्कुट पालन केंद्र के एक किलोमीटर के दायरे में सभी पक्षियों को नष्ट कराया जा रहा है। इसके अलावा 1 से 10 किलोमीटर के दायरे में पक्षियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। स्थिति पर प्रशासन की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
संदिग्ध स्थिति के बाद नमूने जांच के लिए भेजे गए, जहां भोपाल लैब से बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद पूरे पोल्ट्री फार्म को बंद कर दिया गया और आसपास के 5 किलोमीटर क्षेत्र को संवेदनशील घोषित किया गया है। घटना के बाद पड़ोसी रायगढ़ जिले में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
Published on:
26 Mar 2026 01:22 pm
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