
बिलासपुर. त्योहार तो साल भर मनाए जाते हैं कभी रक्षा बंधन, कभी दशहरा, कभी दिवाली। बहुत से त्योहार है जो प्रत्येक व्यक्ति अपने घर-परिवार के साथ मिलजुलकर मनाता है। इन सब त्योहारों की तैयारी सबसे ज्यादा फुटकर व्यापारियों से सामान खरीद कर की जाती है। अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए ये फुटकर व्यापारी सीजन के मुताबिक दुकान लगाते हैं। पूरा दिन बाजार में ही गुजारते हैं। त्योहार बाजार में ही गुजरता है, रोजी-रोटी और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए। आखिर दिवाली किसकी है। कंपनी गार्डन, देवकीनंदन चौक, गोल बाजार, सदर बाजार, शनिचरी, बुधवारी बाजार, नेहरू नगर सहित शहर के लगभग हर क्षेत्र में फुटकर व्यापारी तरह-तरह की सामग्री ठेले अथवा दुकान लगाकर करते हैं।
इनके योहार का पूरा दिन बाजार में ही गुजरता है। यदि ये लोग दुकान न लगाएं, तो शहर का त्योहार ही अधूरा रह जाएगा। फुटकर व्यापारी कैलाश गुप्ता ने बताया कि परिवार का पालन-पोषण हम सीजनल सामग्री की दुकान लगाकर करते हैं। कोई पर्व या त्योहार हो, हर एक दिन बाजार में ही गुजारते हैं। त्योहार के दिन पूरे दिन परिवार के साथ नहीं रह पाते। व्यापारी अरुण कुमार जायसवाल ने बताया कि फुटकर व्यापारियों का तो त्योहार बाजार में मनता है। यदि हम धंधा बंद करके त्योहार मनाएं, तो आम लोग त्योहार ठीक से नहीं मना पाएंगे। एेसे में हम उनको ही त्योहार मनाता देखकर ही खुश हो जाते हैं।
बढ़े रही स्पर्धा : बड़े-बड़े व्यापारियों की तरह अब फुटकर व्यापारियों में भी स्पर्धा बढऩे लगी है। पहले शहर के गिने-चुने स्थानों पर ही फुटकर का समान मिलता था। लेकिन शहर के बढ़ते ही लगभग हर क्षेत्र समान मिलता है। जहां पर लोग अपने आसपास स्थित दुकानों से समान की खरीददारी करते हैं। जिसके कारण पुराने फुटकार व्यापारियों के व्यवसाय में असर पड़ रहा है।
Published on:
17 Oct 2017 12:40 pm
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