
CG News: प्रदेश की खराब सड़कों पर चल रही सुनवाई के दौरान मंगलवार को एनएचएआई की ओर से बताया गया कि प्रदेश में अलग अलग स्थानों पर नेशनल हाइवे में 17 फुट ओवर ब्रिज बनाए जाने हैं। इनके लिये 70 करोड़ मंजूर हो चुके हैं। कोर्ट ने जल्द से जल्द काम पूरे करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित की है।
प्रदेश में खराब सड़कों को लेकर हाईकोर्ट ने करीब 7 साल पहले संज्ञान लिया था। इसके बाद से जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान ही अभी पिछले दो तीन वर्षों में सडक से जुड़े हुए दूसरे मुद्ददे सामने आने पर चीफ जस्टिस ने इन्हें भी संज्ञान लेकर बतौर जनहित याचिका स्वीकार कर लिया और कोर्ट में सुनवाई शुरू कर दी है।
सुनवाई में पहले बिलासपुर के सेंदरी चौक पर ब्लैक स्पॉट होने और रायपुर में धनेली से नया रायपुर जाने वाली रोड की खस्ता हालत पर न्यायमित्रों ने भी सवाल उठाये थे। इन सब पर भी कोर्ट ने सुनवाई करते हुए अपनी ओर से जरूरी निर्देश शासन और नेशनल हाइवे अथॉरिटी को दिये थे।
इससे पूर्व डिवीजन बेंच में प्रदेशभर की खराब सड़कों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की नाराजगी सामने आई। उनको कहना पड़ गया था कि सड़कों की हालत तो बहुत खराब है। राज्य शासन की ओर से पैरवी करने के लिए उपस्थित एडिशनल एजी से कोर्ट ने कहा कि आप भी तो देखते होंगे, सब जगह गड्ढे ही गड्ढे हैं।
हाईकोर्ट आते और घर जाते समय याद आता है या नहीं, ट्रैफिक की हालत ऐसी कि सड़कों पर खड़े रहना पड़ता है। नाराज कोर्ट ने अफसरों से पूछा कि राज्य सरकार ने सड़कों की मरमत करने और नई सड़कें बनाने ग्रांट जारी कर दिया है यह कब तक बनेंगी।
कोरबा एयर स्ट्रिप की घटना को सीजे ने गंभीरता से लेते हुए कहा था कि मेंटनेंस में लापरवाही बरतने के इस तरह के खामियाजे की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। वित्त मंत्री और जनप्रतिनिधि बाल-बाल बच गए। जब इनका ये हाल है तो आम आदमी कहां जाएंगे, क्या करेंगे, समझ से परे है। आम से लेकर खास हर एक आदमी का जीवन बेहद कीमती है। सड़कों की हालत को दुरुस्त करना ही होगा। नाराज सीजे ने कहा था कि ठेका कंपनी और मानिटिरंग करने वाले विभाग के अफसरों की जिमेदारी बनती है या नहीं।
Published on:
30 Apr 2025 11:01 am
बड़ी खबरें
View Allबिलासपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
