याचिका के अनुसार संशोधित मॉडल आंसर जारी करने के बाद कुछ प्रश्नों को हटा दिया गया था। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि यदि उन प्रश्नों को नहीं हटाया जाता तो वे मुख्य परीक्षा से वंचित नहीं होते। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने कहा कि किसी विशेष प्रश्न को हटाने से अनुपातिक अंक दिए गए हैं, लेकिन यह (CGPSC 2023) उस अभ्यर्थी को दिया जाता है जिसने उक्त प्रश्न हल करने का प्रयास ही नहीं किया या जिसने उक्त प्रश्न का गलत उत्तर दिया है। यह अनुचित हैं। पांच आंसरों पर आपत्ति जताते हुए याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में पुनर्मूल्यांकन के निर्देश देने की मांग की थी।