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गुरु घासीदास दास जयंती पर मुख्यमंत्री साय बोले – बाबा ने मनखे-मनखे एक समान का दिया उपदेश

Bilaspur News : सीएम विष्मुदेव साय एक दिवसीय दौरे पर बिलासपुर पहुंचे थे, जहां वे गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित गुरु घासीदास बाबा की जयंती समारोह व कुल उत्सव में शामिल हुए।

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Bilaspur News : सीएम विष्मुदेव साय एक दिवसीय दौरे पर बिलासपुर पहुंचे थे, जहां वे गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित गुरु घासीदास बाबा की जयंती समारोह व कुल उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 18वीं सदी में देश में सामाजिक भेदभाव व छुआछूत की भावना चरम पर थी। बाबा घासीदास ने मनखे-मनखे एक समान का उपदेश देकर सामाजिक समरसता का सूत्रपात किया।

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मकान देने में सीएम ने सहानुभूतिपूर्वक लिया निर्णय: उप मुख्यमंत्री

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बाबा घासीदास के संदेश पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सीएम साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने 18 लाख आवासहीन परिवारों को मकान देने का निर्णय लिया। ये सब पिछले 5 साल से मकान को लेकर काफी परेशान थे। राज्य सरकार ने मकान देने में काफी सहानुभूति पूर्वक निर्णय लिया है। कहा कि बाबा ने अपने संपूर्ण जीवन काल में सामाजिक समरसता बनाने और विषमता को दूर करने का काम किया। उनको सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम सब उनके बताए रास्ते पर चलेंगे।

सीएम विष्णुदेव साय सीयू पहुंचे, जहां सबसे पहले बाबा गुरु घासीदास की प्रतिमा पर फूल-माला अर्पित किया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पहुंचे। कार्यक्रम में सीएम साय ने कहा कि बाबा के आशीर्वाद व जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ को और समृद्ध राज्य बनाएंगे। प्रकृति ने छत्तीसगढ़ की भूमि को उर्वरा बनाया है। खनिज व वन संसाधनों की बहुलता है। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों के अन्य प्रकल्पों पर काम के लिए विश्वविद्यालय की सराहना की। कहा कि बाबा घासीदास का सामाजिक समरसता व समानता का संदेश आज अधिक प्रासंगिक व सार्थक है। उनके उपदेश का असर है कि छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद शैक्षणिक संस्थाओं के अंतर्गत घासीदास विश्वविद्यालय में पहला कार्यक्रम हुआ है, जिसके लिए विश्वविद्यालय का धन्यवाद भी किया और कहा बाबा घासीदास के नाम पर पूरे देश का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जो कि गर्व की बात है। विद्यार्थियों के लिए मात्र 10 रुपए में बच्चों को भरपेट व गुणवत्ता पूर्ण भोजन की सराहना की, जिसका लाभ वर्तमान में 600 विद्यार्थी उठा रहे हैं।