13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कुत्ते का जूठा-खाना परोसने पर बच्चों को मुआवजा दें, शासन का जवाब- स्वसहायता समूह से छीना काम, हेडमास्टर भी सस्पेंड

Bilaspur High Court: बलौदाबाजार जिले के सरकारी स्कूल में बच्चों को कुत्ते का जूठा मध्यान्ह भोजन खिलाने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है।

less than 1 minute read
Google source verification
हाईकोर्ट (photo-patrika)

हाईकोर्ट (photo-patrika)

CG High Court: बलौदाबाजार जिले के सरकारी स्कूल में बच्चों को कुत्ते का जूठा मध्यान्ह भोजन खिलाने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा, जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने प्रभावित बच्चों को मुआवजा देने का आदेश दिया है। शासन ने शपथपत्र में बताया कि मामले में हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही मध्यान्ह भोजन का काम महिला स्वसहायता समूह से छीन लिया गया है।

बता दें कि 29 जुलाई को बलौदाबाजार जिले के पलारी ब्लॉक के लच्छनपुर गांव के सरकारी स्कूल में मिड-डे मील बनाने के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई थी। यहां बच्चों के लिए बनाए जा रहे मध्यान्ह भोजन को को आवारा कुत्ते ने जूठा कर दिया था। छात्रों ने जब शिकायत की, तब भी उनकी बातों को नजरअंदाज कर उन्हें कुत्ते का जूठा भोजन परोस दिया गया। जब छात्रों ने यह बात अभिभावकों को बताई तो स्कूल समिति की बैठक हुई और दबाव में आकर विद्यार्थियों को दो डोज एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई गई

शासन ने दी कार्रवाई की जानकारी

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक 84 बच्चों ने भोजन किया, जिसमें से 78 को वैक्सीन दी गई। मंगलवार को सुनवाई के दौरान शासन ने शपथपत्र के साथ जवाब प्रस्तुत (CG High Court) किया, जिसमें बताया कि स्कूल के हेडमास्टर को सस्पेंड और महिला स्वसहायता समूह को काम से हटा दिया गया है।