
बिलासपुर . एएसआई दंपती ने बीजापुर की एक युवती को काम दिलाने के बहाने 2 साल तक अपने घर में बंधक बनाकर रखा, और उससे मारपीट करते रहे। मामला खुला और अपराध दर्ज हुआ, तो वे फरार हो गए। पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही। इस बीच आरोपी साक्ष्य मिटाने व पीडि़त पक्ष को धमकाकर मामला निपटाने में लगे हैं। युवती के पिता ने बताया कि आरोपी एएसआई ने उसका व उसके ***** का अपहरण कर लिया था। उन्हें 4 दिन तक प्रदेश के अलग-अलग शहरों में घुमाता रहा। आरोपी दंपती व उनके अन्य रिश्तेदारों से मिलकर किसी शपथ पत्र में उसका अंगूठा लगवा लिया। युवती के पिता ने एएसआई दंपती समेत 4 व्यक्तियों के खिलाफ आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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बुधवार को प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बीजापुर के ग्राम गंगालूर निवासी सन्नू पूनेम ने बताया कि 4 मई को उसे कॉल् करके एएसआई शैलेन्द्र सिंह और उसकी पत्नी शशि सिंह ने बेटी मुन्नी से मिलवाने के लिए बुलवाया था। वह अपने ***** लच्छु हेमला के साथ बस से बिलासपुर पहुंचा। हाईटेक बस स्टैण्ड स्थित उदय लॉज में एएसआई दंपती ने उसके ठहरने की व्यवस्था की। एएसआई शैलेन्द्र के साथ पत्नी शशि, शशि का भाई और चारपहिया वाहन का चालक साथ था। चारों ने उसे बताया कि मुन्नी को सरकण्डा स्थित आश्रम में रखा गया है। एएसआई दंपती उसे चार पहिया वाहन से कवर्धा ले गए थे।
तीन शहरों में घुमाया : सन्नू ने बताया कि एएसआई दंपती खुद को बचाने के लिए शपथ पत्र बनवाने की जानकारी दी। दंपती और अन्य लोगों ने मिलकर उससे शपथ पत्र में जबरदस्ती अंगूठा लगवा लिया। शपथ पत्र में नोटरी कराने के बाद 6 मई को आरोपी उसे दुर्ग और रायपुर ले गए। वहां भी आरोपियों ने उनसे शपथ पत्र में अंगूठा लगवाया।
Published on:
10 May 2018 07:25 pm
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