
बिलासपुर . फिल्म पद्मावत बुधवार को शहर के जीत टॉकीज, मैग्नेटो व 36 सिटी मॉल में एक साथ रिलीज हुई। फिल्म के प्रदर्शन का विरोध करने रणनीति बना रहे सर्व अखिल भारतीय राजपूत क्षत्रीय समाज के सदस्यों को पुलिस ने इमलीपारा स्थित महाराणा प्रताप भवन से गिरफ्तार किया। आरोपियों में उसलापुर सरपंच और बीजेपी नेता व उनके समर्थक शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद देर शाम सशर्त रिहा किया गया। जानकारी के अनुसार फिल्म पद्मावत में इतिहास की कहानी को तोड़ मरोड़कर पेश करने का विरोध शुरू हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म का प्रदर्शन करने हरीझंडी दी थी। बुधवार 25 जनवरी को फिल्म रिलीज होने वाली थी। शहर के 36 सिटी मॉल, मैग्नेटो मॉल व जीत टॉकीज में फिल्म एक साथ प्रदर्शित होनी थी। फिल्म के प्रदर्शन के पूर्व से दोनों मॉल व जीत टॉकीज में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पिछले 4 दिनों से पुलिस बल मॉल व टॉकीज के बाहर तैनात किया गया था। दोपहर 12 बजे पुलिस ने मैग्नेटो मॉल के पास खड़े करीब 12 संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। वहीं पुलिस को सूचना मिली कि इमलीपारा स्थित महाराणा प्रताप भवन में सर्व अखिल भारतीय राजपूत क्षत्रीय समाज के सदस्य फिल्म का विरोध करने रणनीति बना रहे हैं।
पुलिस टीम ने भवन में दबिश देकर उसलापुर सरपंच अशोक सिंह ठाकुर, भाजपा नेजा नैन सिंह परिहार, हनी सिंह , पवन सिंह, अवधेश सिंह, बिहारी प्रताप सिंह, नैन सिंह ठाकुर, राजेश, नीरज, उमेश्वर, दीपक, संदीप , हरीओम, अनिल, अमित, शैलेंद्र, अभिषेक, सूरज, पुरातन, प्रदीप, सुनील, राज, शुभम, मनीष, विरेन्द्र, संदीप, रामसिंह, विवेक समेत 29 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने समाज के सदस्यों के वाहनों पर चलानी कार्रवाई की। 29 लोगों को क्यूआरटी बस में भरकर कोनी थाना लाया गया। यहां सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। शाम साढ़े 6 बजे नायब तहसीलदार राजकुमार साहू ने सभी को दोबारा प्रदर्शन नहीं करने की शर्त पर जमानत पर रिहा कर दिया।
दोपहर 3 बजे पहला शो : फिल्म का प्रदर्शन सैटेलाइट के माध्यम से होना था, प्रदर्शन के लिए मॉल व टॉकीज में यूजर पासवर्ड नहीं मिलने से शो रुका हुआ था। दोपहर 3 बजे यूजर पासवर्ड मिलने पर पहला शो शुरू किया गया।
Updated on:
26 Jan 2018 12:41 pm
Published on:
26 Jan 2018 12:25 pm
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