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अच्छी सेहत के लिए अच्छा भोजन जरूरी – विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस

स्ट्रीट फूड कल्चर के चलते युवाओं में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां

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विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस

बिलासपुर. अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छा खानपान बेहद जरूरी है। लेकिन वर्तमान में बढ़ते स्ट्रीट फूड कल्चर की वजह से शहर के बच्चों और युवाओं को तेजी से मोटापा, कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां घेर रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इससे बचें, तभी इन बीमारियों से दूर रहा जा सकता है।

एक तरफ जहां ये चैलेंज है कि अच्छा खाएं, तो वही दूसरी तरफ इस बात की चिंता है कि बिना न्यूट्रिशन वाले खानो के चलते कुपोषित हो रहे बच्चों को कैसे बचाया जा सके। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा वजन त्योहार 2022 के जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 17.76 फीसदी बच्चे कुपोषित हैं। इस साल प्रदेश में अगस्त में वजन त्योहार का आयोजन किया गया था। इस दौरान प्रदेश के 33 जिलों के 23 लाख 79 हजार 29 बच्चों का वजन लिया गया, इनमें 19 लाख 56 हजार 616 बच्चे सामान्य पाए गए, जबकि 4 लाख 22 हजार 413 बच्चों में कुपोषण की स्थिति देखी गई। इनमें 86 हजार 751 बच्चे गंभीर कुपोषण और 03 लाख 35 हजार 662 बच्चे मध्यम कुपोषित मिले थे।

असुरक्षित भोजन विभिन्न बीमारियों का कारण
डॉक्टरों के मुताबिक असुरक्षित भोजन विभिन्न बीमारियों का कारण बन सकता है, जिनके गंभीर स्वास्थ्य परिणाम होते हैं। विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए। खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने से खाद्य जनित बीमारी की घटनाओं को रोका जा सकता है। इसे लेकर ही लोगों को जागरूक करने 7 जून को प्रतिवर्ष कृषि संगठन (एफएओ) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) द्वारा खाद्य सुरक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

छत्तीसगढ़ 19 वें पायदान पर
विश्व खाद्य सुरक्षा सूचकांक के मुताबिक जिन देशों में खाद्य सुरक्षा के कार्यक्रम नहीं चल रहे हैं, वहां बच्चों में भुखमरी और कम विकास की समस्या ज्यादा देखी गई है। ग्लोबल फूड सेफ्टी इंडेक्स 2022 के मुताबिक खाद्य सुरक्षा के 113 देशों वाले सूचकांक में भारत 68वें नंबर पर है, वहीं भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले स्टेट फूड सेफ्टी इंडेक्स के हिसाब से 2022 में छत्तीसगढ़ की रैंकिंग 19वीं थी।

शहरवासियों में बढ़ रही आर्गेनिक ग्रेन्स की डिमांड
शरवासियों में आर्गेनिक खाने का ट्रेंड काफी तेजी से बढ़ रहा है। आर्गेनिक खेती कर अपना आर्गेनिक फूड ब्रांड "कृषि युग" चलाने वाले सोनू मिश्रा कहते हंै कि पहले उनका व्यापार एक्सपोर्ट बेस था। बिलासपुर की कंपनी होते हुए भी अपने ही शहर में अधिक खाद्य पदार्थ नहीं खपा पाते थे, लेकिन वर्तमान में बिलासपुरियंस के बीच आर्गेनिक खाने को लेकर ट्रेंड बदला है। आज शहरवासियो के बीच आर्गेनिक ग्रेन्स की काफी डिमांड है।

स्टूडेंट लाइफ में सबसे ज्यादा समस्या

डायटीशियन कविता पुजारा के अनुसार स्टूडेंट लाइफ के लिए अपने घरों से बाहर रह रहे छात्रों को अच्छे खाने की सबसे ज्याद तकलीफ से गुजरना पड़ता है। स्टूडेंट लाइफ के दौरान ही अधिक स्ट्रीट और अनहाइजेनिक फूड्स खाने के चलते कम उम्र में ही बॉडी वेट बढऩे या घटने जैसी समस्या का शिकार हो जाते हैं। इस पर अभिभावकों को ध्यान देना होगा।

इस बार विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की थीम...
इस वर्ष विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की थीम "खाद्य सुरक्षा खेत से थाली तक खाद्य सुरक्षा" के साथ मनाया जा रहा है। यह किसानों और उत्पादकों से लेकर वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और उपभोक्ताओं तक उत्पादन श्रृंखला के सभी चरणों को कॅवर करते हुए खाद्य सुरक्षा के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल देता है।