
जू पार्क (फोटो सोर्स- AI)
CG News: राजीव गांधी प्राणी उद्यान यानी ग्वालियर के चिड़ियाघर की शान सफेद बाघ की दहाड़ जल्द ही कानन पेंडारी जू में सुनाई देगी। इसके बदले भालू और चौंसिगा जैसे जानवर दिए जाएंगे।
वन्यजीवों के संरक्षण और विविधता बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों जू के बीच वन्यजीव एक्सचेंज योजना के अंतर्गत हुए समझौते के तहत गुरुवार को ग्वालियर जू की छह सदस्यीय टीम कानन पहुंची। टीम यहां से 1 भालू और 3 चौसिंगा (1 नर व 2 मादा) लेकर ग्वालियर लौटेगी।
बदले में ग्वालियर जू से कानन पेंडारी को एक सफेद बाघ शावक लाना 22 जून को प्रस्तावित था, लेकिन खराब मौसम और वाहन न मिलने के चलते फिलहाल चंबल की शान सफेद बाघ का लाया जाना उस दिन टाल दिया गया था। ग्वालियर से पहुंचे दल में डॉ. उपेंद्र यादव, गौरव परिहार समेत कुल छह सदस्य शामिल हैं। टीम ने गुरुवार को भालू और चौसिंगा को ले जाने की औपचारिकताएं पूरी कीं।
कानन पेंडारी जू में अभी 652 वन्यप्राणी हैं। वर्तमान में यहां 5 तेंदुआ, 8 बाघ हैं। इसमें बंगाल टाइगर और व्हाइट टाइगर शामिल हैं। कानन में सफेद बाघ की संख्या बढ़ाने और प्रजनन के लिए नर बाघ की आवश्यकता है। यहां जो बाघ हैं वो एक ही मादा की पैदाइश हैं। ऐसे में दूसरे जू के बाघ आने से यहां प्रजनन प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
वन्यप्राणी एक्सचेंज के तहत अन्य जू से भी कुछ वन्यप्राणी लाए जाने हैं। ऐसे में शेड्यूलिंग के चलते वाहन खाली नहीं हैं। ग्वालियर से सफेद बाघ लाने से पहले कानन की टीम वहां पहुंचकर बाघ की स्वास्थ्य जांच करेगी जिसके बाद ही बाघ को कानन पेंडारी जू में लाया जाएगा। ग्वालियर के लिए जल्द ही टीम रवाना होगी। - बी.एस. राजपूत, एसडीओ, कानन पेंडारी जू
Updated on:
27 Jun 2025 12:49 pm
Published on:
27 Jun 2025 12:49 pm
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