
Health Alert: कमजोर इम्यूनिटी बच्चों के लिए कई रोगों का कारण बन रही है। कारण अनियंत्रित एंटीबॉडी से बच्चों में एलर्जी व ऑटो इम्यून विकार संबंधी केस मिल रहे हैं। बिलासपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में ऐसे रोगों से जूझ रहे बच्चे भी पहुंच रहे हैं।
बच्चों को इन बीमारियों से निजात दिलवाने के लिए परिजन न केवल एलोपैथी बल्कि आयुर्वेद चिकित्सा का भी सहारा ले रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना काल के बाद हर उम्र के लोगों में ऑटो इम्यून विकार, श्वसन तंत्र, एलर्जी संबंधी समस्याएं तो बढ़ीं लेकिन उसके साथ ही त्वचा संबंधी विकारों से ग्रस्त केस में भी वृद्धि दर्ज हुई है। बच्चों में त्वचा संबंधी दिक्कतें बड़ी संख्या में देखी जा रही हैं। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लाया जा रहा है। कई बच्चों में त्वचा रोग के कारण आर्थराइटिस की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। उन्हें इन समस्याओं से छुटकारा पाने में छह माह से एक साल तक का समय लग रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों को बुखार, खांसी व श्वसन संबंधी समस्याओं से 5 से 10 दिन में राहत मिल जाती है लेकिन वर्तमान में उन्हें ठीक होने में 10 से 15 दिन लग रहे हैं। यहां तक कि कई केस में तो खांसी से छुटकारा पाने में एक से दो महीने तक लग रहे हैं। ऐसा ही हाल त्वचा रोगों में देखा जा रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार ऑटो इम्यून बीमारियों की वजह कोरोना काल में बदली जीवन शैली, स्टेरॉयड दवाओं का जरूरत से ज्यादा सेवन के अलावा जंक फूड, मौसम में बदलाव, एलर्जी, तनाव आदि भी बताए जा रहे हैं। इससे बचने के लिए हेल्दी लाइफ स्टाइल और हेल्दी डाइट जरूरी है।
Updated on:
09 Dec 2024 12:40 pm
Published on:
09 Dec 2024 12:40 pm
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