
हाईकोर्ट (photo Patrika)
CG High Court: प्राचार्य पदोन्नति मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई में प्राचार्य पदोन्नति में याचिकाकर्ता नारायण प्रकाश तिवारी और अतिरिक्त महाधिवक्ता यशवंत सिंह ठाकुर ने अपना अंतिम पक्ष रखा।
जस्टिस रविंद्र कुमार ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा है। इससे पहले इन्टरविनर अधिवक्ता अनूप मजूमदार ने पक्ष रखा था। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में प्राचार्य पदोन्नति को लेकर हाईकोर्ट ने अहम फैसले में राज्य सरकार के बनाए गए नियमों और मापदंडों को पूरी तरह वैध माना है।
कोर्ट ने इस मामले में लगाई गई आधा दर्जन याचिकाएं खारिज कर दी हैं। केस की सुनवाई जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद की बेंच में हुई। ज्ञात हो कि स्कूल शिक्षा विभाग ने 30 अप्रैल को प्राचार्य पदोन्नति की सूची जारी की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने 1 मई को रोक लगा दी थी।
डिवीजन बेंच में जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद ने सभी पक्षों को सुनने के बाद निर्णय दिया कि प्राचार्य पदोन्नति के लिए राज्य शासन द्वारा निर्धारित मापदंड और प्रक्रिया उचित हैं। कोर्ट ने आधा दर्जन शिक्षकों की याचिकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि शासन की नीति में कोई कानूनी त्रुटि नहीं है।
डिवीजन बेंच से याचिकाएं खारिज होने के बाद शासन ने टी संवर्ग के उन 1475 शिक्षकों की प्राचार्य पद पर पदस्थापना प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है, जिन्हें प्रमोशन मिलना है, लेकिन नारायण प्रकाश तिवारी की याचिका सिंगल बेंच में लंबित रहने के कारण यह प्रक्रिया फिलहाल अटकी हुई है।
Updated on:
06 Aug 2025 08:48 am
Published on:
06 Aug 2025 08:48 am
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