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150 स्कूलों में टॉयलेट नहीं, 216 जर्जर… हाईकोर्ट सख्त, उधर शराब घोटाले में सौम्या की जमानत पर बहस पूरी

High Court: प्रदेश में जर्जर स्कूल भवन, टॉयलेट नहीं होने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर दायर स्व संज्ञान याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
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बिलासपुर

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Khyati Parihar

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Updated: 25 Feb 2026, 1:07 PM IST

हाईकोर्ट (photo-patrika)

हाईकोर्ट (photo-patrika)

Bilaspur High Court: प्रदेश में जर्जर स्कूल भवन, टॉयलेट नहीं होने और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर दायर स्व संज्ञान याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा सचिव को शपथ पत्र में बताने के निर्देश दिए कि कितने स्कूल अब भी टॉयलेट विहीन हैं और कब तक बन जाएंगे। सुनवाई के दौरान स्कूल शिक्षा सचिव के शपथपत्र से असंतुष्ट होकर कोर्ट ने एक नया शपथ पत्र देने को कहा, जिसमें उठाए जाने वाले कदमों का विस्तृत विवरण होगा।

अगली सुनवाई मार्च के तीसरे सप्ताह में तय की गई है। कोर्ट की जानकारी में यह बात आई कि 150 स्कूलों में टॉयलेट नहीं है और 216 से ज्यादा बेहद खराब हैं। कोर्ट ने इसे लेकर राज्य सरकार पर नाराजगी जताई थी।

प्राचार्य को हटाया, स्कूल की मान्यता रद्द

सेंदरी स्कूल में एक बच्चे को करंट लग गया था इसी भी संज्ञान में लेकर हाईकोर्ट ने सुनवाई शुरू की है। शासन की ओर से आज बताया गया कि इस निजी स्कूल के प्रिंसिपल को हटा दिया गया है। साथ ही स्कूल की मान्यता निरस्त कर दी गई है।

जानकारी देने के निर्देश

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल की डिवीजन बेंच में मंगलवार को स्कूल शिक्षा सचिव ने शपथपत्र में कर बताया कि, प्रदेश में स्कूलों को व्यवस्थित किया जा रहा है। जो कमियां हैं या अदालत के निर्देश हैं उन्हें दूर किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि शिक्षा सचिव की ओर से एक विस्तृत शपथपत्र पेश किया जाए जिसमें, आगामी कार्ययोजना की पूरी जानकारी हो।

इधर, शराब घोटाले में सौम्या, ईडी, एसीबी, ईओडब्ल्यू की बहस पूरी, फैसला सुरक्षित

बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आरोपी सीएम की तत्कालीन सचिव सौम्या चौरसिया सहित ईडी और एसीबी-ईओडब्ल्यू तीनों की बहस मंगलवार को पूरी हो गई। सभी पक्षों की दलील को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख दिया। सौम्या चौरसिया ने ईडी और एसीबी-ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में दो जमानत याचिकाएं लगाई हैं।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया था। इस आधार पर हाईकोर्ट में सुनवाई की जा रही है। सौम्या को कोयला घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। अब ईडी और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने आबकारी घोटाले में गिरफ्तार किया है। सौम्या चौरसिया ने अपनी गिरफ्तारी के बाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। इसके बाद सौम्या चौरसिया ने हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की।