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Video रेल अफसर ने कहा, जीआरपी सहयोग नहीं करती आईजी काबरा बोले, अब मिलेगा पूरा सहयोग

ट्वीटर के माध्यम से आईजी करेंगे जनता से सीधा संवाद, आईजी व रेलवे अफसरों की बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा

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Meeting

बिलासपुर . रेलवे स्टेशन में बढ़ती चोरी और आपराधिक घटनाओं को लेकर मंगलवार को बिलासागुड़ी में आईजी व रेलवे अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें रेलवे सुरक्षाबल और जीआरपी के मध्य समन्वय की एक बार फिर कमी साफ दिखाई दी। एसआरपीएफ अधिकारियों ने अपनी बातें रखीं, तो राज्य रेल पुलिस ने अपनी। दोनों की बातें सुनने के बाद आईजी ने एसआरपीएफ के अधिकारियों का समर्थन करते हुए बीच का रास्ता निकालने का आश्वासन दिया है। बैठक में आईजी दीपांशु काबरा और सीनियर डीएससी भवानी शंकर नाथ के साथ ही राज्य रेल पुलिस के थाना प्रभारी और अन्य स्टाफ मौजूद थे। बैठक शुरू होते ही सीनियर डीएससी भवानी शंकर नाथ ने कहा कि चोरी की अधिकांश वारदातें रेल कोच के अंदर न होकर बाहर होती हैं। प्लेटफॉर्म में ही अधिकांश अपराधी सक्रिय होते हैं, जीआरपी प्लेटफॉर्म की सुरक्षा ठीक से नहीं कर पाती। कोच के भीतर एक दो आरक्षक ही गश्त करते हें। इससे अपराध पर लगाम नहीं लग पा रहा। अगर जीआरपी केवल रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म ही ठीक से संभाल ले तो चोरी की अधिकांश वारदातें रुक सकती हैं। इस बात को लेकर आईजी ने भी हामी भरी, तो दूसरी तरफ जीआरपी सुरक्षा को लेकर अपने दावे करती रही और एसआरपीएफ पर सहयोग न करने का आरोप मढ़ा।

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रेल अफसर ने कहा, शव पड़ा रहता है लेकिन जीआरपी पंचनामा नहीं करती : बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा था अगर पटरी में दुर्घटनावश किसी की मौत हो जाए तो जीआरपी के जवान सहयोग नहीं करते शव पटरी पर घंटों पड़ी रहती है। न तो स्थानीय पुलिस मदद करती, और न ही जीआरपी के जवान। अगर शव के ऊपर से ट्रेन चले तो फिर मानवाधिकार का मामला बन जाता है। इस मामले को लेकर रेलवे एसपी मिलना कुर्रे ने कहा, यह मामला पूर्व में भी उठा था। इसके समन्वय पर सहमति बन चुकी है। शव अब पटरी पर होगा तो जीआरपी तत्काल कार्रवाई करेगी। इस मामले को लेकर आईजी दीपांशु काबरा ने भी स्थानीय थानों का सहयोग मिलने की बात कही है। आईजी दीपांशु काबरा ने बैठक में रेलवे सुरक्षा बल और राज्य रेल पुलिस अधिकारियों मिलकर काम करने और स्थानीय पुलिस की भी सहायता लेने की बात कही।

इन मुद्दों पर बैठक में हुई बहस : चोरी की वारदात को रोकने जीआरपी नहीं करती पूरा प्रयास। स्टेशन के कुछ हिस्सों में ही होती है गश्त। प्लेटफॉर्म अगर जीआरपी सम्हाल ले तो आरपीएफ ट्रेनों में होने वाली अधिकांश वारदातों पर अकुंश लगा सकती है। रेलवे ट्रेक में अगर लाश पड़ी होती है तो जीआरपी उसका पंचनामा करने से कतराती है। रेलवे सुरक्षा बल अगर चोर पकड़ कर देता है तो जीआरपी कार्रवाई करने में टालमटोल करती है। ऑटो चालकों ने रेलवे स्टेशन से लगे अधिकांश क्षेत्र में अवैध कब्जा कर रखा है। प्रीपेड बूथ शुरू नहीं हो पा रहा है।

बड़े स्टेशनों में तो हैं सीसीटीवी कैमरे, छोटे स्टेशनों में सुरक्षा का अभाव : बिलासपुर, रायपुर , रायगढ़, कोरबा जैसे स्टेशनों में सीसीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। वहीं छोटे स्टेशन जैसे भाठापारा, चकरभाठा, अकलतरा चांपा आदि रेलवे स्टेशनों में कैमरे नहीं हैं। वारदात होने की सूरत में जांच में काफी दिक्कत होती है। इसके लिए रेलवे प्रबंधन को पत्राचार के माध्यम से छोटे स्टेशनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने कहा जाएगा।

यातायात व्यवस्था सुधार की दिशा में लिए गये महत्वपूर्ण निर्णय : बिलासागुड़ी में आयोजित बैठक में पुलिस महानिरीक्षक ने यातायात सुधार की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इनमें सभी प्रमुख चौक चौराहों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, सतत निगरानी रखने के साथ ही वाहनो ंकी पार्किंग को लेकर व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया है। इसमें स्थानीय प्रशासन की मदद लेने के भी निर्देश दिए गए हैं।

न्यायालय से दोष मुक्त 192 प्रकरणों पर पुन समीक्षा करने आईजी ने दिए निर्देश : पुलिस महानिरीक्षक दीपांशु काबरा ने मंगलवार को हुई बैठक के दौरान सभी जिलों के पुलिस कप्तानों से चर्चा की। आईजी ने ऐसे मामलों की पुन: समीक्षा करने के लिए कहा, जिसमें पुलिस जांच में हुई गलती के चलते १९२ आरोपियों को संदेह का लाभ मिला और वे न्यायालयों से बरी हो गए। आई ने ऐसे मामलों की दोबारा समीक्षा करने का आदेश दिया हैै। कहा गया है कि समीक्षा करके यह जानने की कोशिश करें कि आरोपियों को पुलिस की किन गलतियों का लाभ मिला।

ट्वीटर से आईजी करेंगे सीधे संवाद : सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस विभाग भी अब खुद को अपड़ेट करने में लगा हुआ है। पहले फेसबुक फिर वाट्सएप और अब ट्विटर के माध्यम से सीधे संवाद किया जा सके इसके लिए आईजी दीपांशु काबरा ने एक ट्वीटर एकाउंट एट द रेट आईजी बिलासपुर लांच किया है। इसमें बिलासपुर रेंज (संभाग) के लोग आईजी से सीधे संवाद कर सकते हैं।

थानों में शिकायत सेल का गठन करने के निर्देश : आईजी दीपांशु काबरा ने सभी थानों में रोजाना आने वाले मामलों में कार्रवाई करने के लिए शिकायत सेल का गठन करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे थानों में होने वाली पेंडिग की समस्या से तो निजात मिलेगी। साथ ही शिकायत सेल में अलग से अधिकारी नियुक्त करने से मामले निपटाने में भी आसानी होगी। आईजी ने मामलों में त्वरित कार्रवाई व पीडि़तों को शीघ्रता से राहत प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

जुआ,सट्टा, सूदखोरी और अवैध शराब बिक्री और कोयला डिपो पर रोक लगाने का निर्देश : बिलासपुर संभाग में चल रहे जुआ, सट्टा, सूदखोरी के साथ ही अवैध शराब बिक्री और कोयला डि़पो के संचालन पर रोक लगाने के लिए साइबर सेल और पुलिस नियंत्रण कक्ष को नजर रखने के साथ ही कार्रवाई के दिशा निर्देश दिए गए हैं।

हमारी मांग वही पुरानी है। इन मांगों को अगर पूरा कर दिया जाए और जीआरपी साथ दे तो सुरक्षा और सरंक्षा को लेकर दिक्कतें दूर हो सकती हैं।
भवानी शंकर नाथ, सीनियर डीएससी रेलवे

बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई है, उनमें सहमति बनी है। कुछ मुद्दे तो पुराने थे, जिनका समाधान भी पूर्व की बैठक में निकल चुका है। जीआरपी सहायता करने के लिए है, और कर रही है। समन्वय में कमी की जो बात आती है, उसे प्राथमिकता के अधार पर दूर किया जाएगा।
मिलना कुर्रे, एसपी रेलवे।