
CG Health News: औद्योगिक संस्थानों में प्रदूषण के कारण बीमारी, 4 दिसंबर तक दें रिपोर्ट
CG Health News: प्रदेश के विभिन्न थर्मल पावर प्लांटों में धुएं और धूल की वजह से बीमार पड़ रहे श्रमिकों के मामले में जनहित याचिकाओं और स्वत: संज्ञान लेकर हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है। इसके लिए नियुक्त कोर्ट कमिश्नरों में से तीन ने सोमवार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। शेष 5 लोगों ने एक माह का समय मांगा, इसे मंजूर कर हाईकोर्ट ने 4 दिसंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश देते हुए 5 दिसंबर को अगली सुनवाई निर्धारित कर दी है।
प्रदेश भर में संचालित तमाम प्लांटों में काम करने वाले मजदूर सीमेंट और लोहे की डस्ट से बीमार पड़ रहे हैं। इस कारण मजदूरों के फेफड़े बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसे लेकर हाईकोर्ट में अलग अलग उत्कल सेवा समिति, लक्ष्मी चौहान, गोविन्द अग्रवाल, अमरनाथ अग्रवाल और एक स्व संज्ञान मामले में जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई चल रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी देश के कई राज्यों को ऐसी ही स्थिति को लेकर निर्देशित किया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में एडवोकेट प्रतीक शर्मा और पीआर पाटनकर सहित 8 को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था। कोर्ट ने इनसे प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में प्रदूषण के कारण हो रही परेशानी के बारे में जानकारी मंगाई थी। चीफ जस्टिस की डीबी में सोमवार को कोर्ट कमिश्नर पीआर पाटनकर, संजय कुमार अग्रवाल और अदिति सिंघवी ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी।
श्रमिकों व कर्मचारियों को कई तरह की बीमारी
कोर्ट कमिश्नर पीआर पाटनकर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अधिकांश बड़े उद्योग जहां बड़ी मशीनरी काम करती हैं, श्रमिकों के श्रवण बाधित होने की शिकायत है। इसके अलावा कई प्लांट्स में केमिकल्स की वजह से डर्मेटाइटिस जैसी बीमारियां हो गईं हैं। इसके अलावा कुछ हड्डी रोग भी हैं। संजय कुमार अग्रवाल और अदिति सिंघवी ने भी जो रिपोर्ट पेश की है, उसमें वायु प्रदूषण के कारण सांस की बीमारी और दूसरी कई प्रकार की शारीरिक परेशानी भी सामने आई है। इन लोगों ने जहां निरीक्षण किया वहां कंपनी ने श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच करा ली थी। दूसरी ओर अन्य कमिश्नरों ने जहां निरीक्षण किया वहां कंपनी की जांच पूरी नहीं हुई है।
Updated on:
31 Oct 2023 02:42 pm
Published on:
31 Oct 2023 02:41 pm
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