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आंखों की सेहत के लिए जरूरी सावधानियां! स्क्रीन ब्राइटनेस घटाएं, हर घंटे लें 5 मिनट का ब्रेक…

Precautions for Eye Health: बिलासपुर जिले में तेज रफ़्तार जिंदगी, मोबाइल-लैपटॉप का बढ़ता इस्तेमाल और असंतुलित खानपान ने आंखों की सेहत पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है।

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आंखों की सेहत के लिए जरूरी सावधानियां! स्क्रीन ब्राइटनेस घटाएं, हर घंटे लें 5 मिनट का ब्रेक...(photo-patrika)

आंखों की सेहत के लिए जरूरी सावधानियां! स्क्रीन ब्राइटनेस घटाएं, हर घंटे लें 5 मिनट का ब्रेक...(photo-patrika)

Precautions for Eye Health: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में तेज रफ़्तार जिंदगी, मोबाइल-लैपटॉप का बढ़ता इस्तेमाल और असंतुलित खानपान ने आंखों की सेहत पर गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। नतीजतन बचपन से ही नजर कमजोर होना और ड्राई आई सिंड्रोम जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।

यह कहना है एकाइन (एसोसिएशन आफ कयुनिटी ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया) के राष्ट्रीय सचिव एवं वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सपन सामंता का। वे दो दिवसीय नेत्र समेलन में शिरकत करने शहर में हैं। उन्होंने पत्रिका से खास बातचीत में बताया कि भारतीय जीवनशैली और संतुलित खानपान अपनाकर आंखों की ज्यादातर बीमारियों से बचा जा सकता है। पेश हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश…..

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सपन सामंता की पत्रिका से खास बातचीत

Precautions for Eye Health: आंखों की सुरक्षा के लिए ये टिप्स अपनाएं

  • अव्यवस्थित दिनचर्या और अनियमित खानपान से आंखों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?

अनियमित नींद, जंक फूड और पोषण की कमी से आंखें जल्दी थक जाती हैं। इससे आंखों में सूखापन, डार्क सर्कल और विजन की समस्या बढ़ रही है। संतुलित आहार और समय पर नींद बेहद जरूरी है।

  • मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन से बच्चों और युवाओं में कौन-सी बीमारियां बढ़ रही हैं?

लगातार स्क्रीन देखने से ड्राई आई, पावर बढ़ना, सिरदर्द और आंखों की मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। छोटे बच्चों में चश्मे का नंबर तेजी से बढ़ना अब आम हो गया है।

  • ड्राई आई सिंड्रोम और डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या क्यों बढ़ रही?

कम पलक झपकना, लंबे समय तक स्क्रीन पर फोकस और एसी वाले कमरों में रहना मुय कारण हैं। हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखने का नियम अपनाएं।

  • लंबे समय तक मोबाइल या कॅप्यूटर देखने वालों को क्या करना चाहिए?

स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें, हर घंटे पांच मिनट का ब्रेक लें, पर्याप्त पानी पीएं और कमरे में पर्याप्त रोशनी रखें।

  • ब्लू लाइट फिल्टर या चश्में क्या आंखों को बचाने कारगर हैं?

ब्लू लाइट फिल्टर आंखों को राहत जरूर देते हैं लेकिन ये चमत्कारिक इलाज नहीं हैं। असली बचाव है स्क्रीन टाइम घटाना, आंखों को आराम देना।

  • बच्चों में बढ़ती आंख की कमजोरी की वजह क्या है?

बाहर खेलने का समय घटने व ज्यादा स्क्रीन देखने से बच्चों में ‘मायोपिया’ बढ़ रहा है। धूप में खेलने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और नजर खराब होने का खतरा कम होता है।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में भी आंख की बीमारी से पीड़ित मरीजों की संया क्यों बढ़ रही है?

गांवों में मोतियाबिंद, कंजक्टिवाइटिस और चश्मा न लगाना आम है। वहां जागरुकता की कमी होती है, लिहाजा वहां जागरूकता शिविर, स्कूल हेल्थ चेकअप और पंचायत स्तर पर प्रचार-प्रसार जरूरी है।

  • आंखों का हेल्थ मंत्र क्या है?

रोज सुबह ठंडे पानी से आंख धोएं, धूप में काला चश्मा लगाएं और हरे पेड़-पौधों को देखकर आंखों को प्राकृतिक आराम दें। यह सबसे सरल और कारगर उपाय है।

  • आंखों की नई उभरती बीमारी क्या है?

कोरोना काल के बाद ‘पोस्ट-वायरल विजन सिंड्रोम’ और ‘ड्राई आई’ तेजी से बढ़े हैं। डिजिटल लत से स्क्त्रस्ीन-इंड्यूस्ड मायोपिया भी नई चुनौती है।