
कोटा नगर पंचायत को मिला नगर पालिका का दर्जा (photo source- Patrika)
Kota Municipal Council: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से नगर पालिका का दर्जा मिलने की प्रतीक्षा कर रहे कोटा को आखिरकार राज्य सरकार ने नगर पालिका का दर्जा प्रदान कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। अधिसूचना जारी होने के साथ ही कोटा नगर पंचायत का नगर पालिका में औपचारिक उन्नयन हो गया है।
राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, पूर्ववर्ती नगर पंचायत कोटा की वर्तमान सीमाएं ही नगर पालिका कोटा की सीमाएं होंगी। इससे प्रशासनिक क्षेत्र में कोई परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन नगर के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए नए अवसर खुलेंगे।
कोटा को नगर पालिका का दर्जा देने की घोषणा उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन तथा विकास मंत्री अरुण साव ने 14 अगस्त 2025 को की थी। उन्होंने उस समय क्षेत्र की जनभावना और विकास की जरूरतों को देखते हुए कोटा को नगर पालिका बनाने का वादा किया था। अब इस निर्णय को अमलीजामा पहनाते हुए राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर अपना वादा पूरा कर दिया है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार जनता से किए गए वादों को पूरी प्रतिबद्धता और पारदर्शिता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि कोटा को नगर पालिका बनाना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास और नागरिकों की अपेक्षाओं को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, "कोटा को हमने नगर पालिका बनाया है, इसे हम ही संवारेंगे। नगर पालिका बनने से यहां विकास कार्यों में तेजी आएगी और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।"
नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद कोटा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी और शहरी अधोसंरचना के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। नगर पालिका बनने के बाद क्षेत्र को विभिन्न शहरी विकास योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नगर पालिका बनने से प्रशासनिक संसाधनों में वृद्धि होगी और विकास कार्यों के लिए अधिक बजट उपलब्ध होने की संभावना बढ़ेगी। इससे स्थानीय नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और क्षेत्र का सुनियोजित शहरी विकास संभव हो सकेगा।
राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 5(1)(क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नगर पालिका कोटा का गठन किया है। अधिसूचना के अनुसार, पूर्ववर्ती नगर पंचायत कोटा का पूरा क्षेत्र ही नगर पालिका कोटा के अंतर्गत शामिल रहेगा। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कोटा क्षेत्र की जनसंख्या 18,405 दर्ज की गई थी। जनसंख्या और शहरी विस्तार को देखते हुए लंबे समय से इसे नगर पालिका का दर्जा देने की मांग उठ रही थी।
राज्य सरकार के इस फैसले का स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका बनने से कोटा के विकास को नई दिशा मिलेगी और क्षेत्र में लंबे समय से लंबित कई बुनियादी सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि बढ़ती आबादी और शहरी जरूरतों को देखते हुए यह फैसला समय की मांग था।
अब नगर पालिका बनने के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होने और नागरिक सुविधाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है। कोटा को नगर पालिका का दर्जा मिलना न केवल प्रशासनिक उन्नयन है, बल्कि यह क्षेत्र के भविष्य के विकास, बेहतर नागरिक सुविधाओं और सुव्यवस्थित शहरी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
Published on:
21 Jun 2026 05:16 pm
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