10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर दो जजों का ट्रांसफर, ओडिशा से छत्तीसगढ़ आएंगे जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा

Supreme Court Collegium: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ओड़िशा हाईकोर्ट के दो जजों के तबादले की अनुशंसा की है। जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा छत्तीसगढ़ और जस्टिस मानस रंजन पाठक गुजरात हाईकोर्ट जाएंगे।
3 min read
Google source verification
High Court Judges Transfer

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिला नया जज (photo source- Patrika)

High Court Judges Transfer: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ओड़िशा हाईकोर्ट के दो जजों के तबादले की अनुशंसा की है। कॉलेजियम की 6 अगस्त 2026 को हुई बैठक में दोनों न्यायाधीशों के स्थानांतरण का फैसला लिया गया। इसके तहत जस्टिस मानस रंजन पाठक को ओड़िशा हाईकोर्ट से गुजरात हाईकोर्ट और जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को ओड़िशा हाईकोर्ट से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेजने की अनुशंसा की गई है। कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिहाज से यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के आने से हाईकोर्ट को एक अतिरिक्त न्यायाधीश मिलेगा।

Chhattisgarh Judicial News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए राहत की खबर

जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट आने से न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हाईकोर्ट में लंबित मामलों और न्यायिक कार्यों के बीच एक नए जज की नियुक्ति से कामकाज में मदद मिल सकती है। कॉलेजियम ने जस्टिस मोहपात्रा के साथ जस्टिस मानस रंजन पाठक के तबादले की भी अनुशंसा की है। जस्टिस पाठक को गुजरात हाईकोर्ट भेजा जाएगा।

कौन हैं जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा?

जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उन्होंने बीए और एलएलबी की शिक्षा हासिल की है। उन्होंने 7 फरवरी 1988 को ओड़िशा राज्य बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया था। वकालत के दौरान उन्हें कानून की अलग-अलग शाखाओं में लंबा अनुभव हासिल हुआ। उन्होंने सिविल, सेवा, आपराधिक और संवैधानिक मामलों समेत विभिन्न क्षेत्रों में करीब 26 वर्षों तक काम किया।

कई कानूनी क्षेत्रों का रहा अनुभव

जस्टिस मोहपात्रा को अभिभावक एवं आश्रित अधिनियम, हिंदू अल्पसंख्यक एवं संरक्षकता अधिनियम, हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम और किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम जैसे कानूनों से जुड़े मामलों का भी अनुभव रहा है। उन्होंने राज्य सरकार के साथ-साथ ओड़िशा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा वे अलग-अलग सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े मामलों में अधिवक्ता के रूप में पैरवी कर चुके हैं।

कई संस्थानों के लिए कर चुके हैं पैरवी

जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा ने सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, क्योंझर, भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग(NIOS), नई दिल्ली, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत विभिन्न संस्थानों के लिए अधिवक्ता के रूप में काम किया है। वकालत के दौरान विभिन्न प्रकार के मामलों में उनकी विशेषज्ञता रही, जिसके बाद उन्हें न्यायिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली।

Chhattisgarh High Court Judge Transfer: 17 अप्रैल 2015 को बने हाईकोर्ट जज

जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को 17 अप्रैल 2015 को ओड़िशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद से वे ओड़िशा हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद उनका स्थानांतरण छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट किया जा रहा है। कॉलेजियम ने ओड़िशा हाईकोर्ट के जस्टिस मानस रंजन पाठक के तबादले की भी अनुशंसा की है। उन्हें गुजरात हाईकोर्ट भेजा जाएगा। इस तरह कॉलेजियम के फैसले से ओड़िशा हाईकोर्ट के दो जज अलग-अलग हाईकोर्ट में जाएंगे। इनमें से जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और जस्टिस मानस रंजन पाठक गुजरात हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारी संभालेंगे।

6 अगस्त को हुई थी कॉलेजियम की बैठक

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की महत्वपूर्ण बैठक 6 अगस्त 2026 को हुई थी। इसी बैठक में दोनों जजों के स्थानांतरण की अनुशंसा की गई। कॉलेजियम के इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के रूप में नया न्यायाधीश मिलने का रास्ता साफ हुआ है। उनके अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बड़ी खबरें

View All

बिलासपुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग