
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिला नया जज (photo source- Patrika)
High Court Judges Transfer: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ओड़िशा हाईकोर्ट के दो जजों के तबादले की अनुशंसा की है। कॉलेजियम की 6 अगस्त 2026 को हुई बैठक में दोनों न्यायाधीशों के स्थानांतरण का फैसला लिया गया। इसके तहत जस्टिस मानस रंजन पाठक को ओड़िशा हाईकोर्ट से गुजरात हाईकोर्ट और जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को ओड़िशा हाईकोर्ट से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेजने की अनुशंसा की गई है। कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिहाज से यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के आने से हाईकोर्ट को एक अतिरिक्त न्यायाधीश मिलेगा।
जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट आने से न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हाईकोर्ट में लंबित मामलों और न्यायिक कार्यों के बीच एक नए जज की नियुक्ति से कामकाज में मदद मिल सकती है। कॉलेजियम ने जस्टिस मोहपात्रा के साथ जस्टिस मानस रंजन पाठक के तबादले की भी अनुशंसा की है। जस्टिस पाठक को गुजरात हाईकोर्ट भेजा जाएगा।
जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उन्होंने बीए और एलएलबी की शिक्षा हासिल की है। उन्होंने 7 फरवरी 1988 को ओड़िशा राज्य बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया था। वकालत के दौरान उन्हें कानून की अलग-अलग शाखाओं में लंबा अनुभव हासिल हुआ। उन्होंने सिविल, सेवा, आपराधिक और संवैधानिक मामलों समेत विभिन्न क्षेत्रों में करीब 26 वर्षों तक काम किया।
जस्टिस मोहपात्रा को अभिभावक एवं आश्रित अधिनियम, हिंदू अल्पसंख्यक एवं संरक्षकता अधिनियम, हिंदू दत्तक ग्रहण एवं भरण-पोषण अधिनियम और किशोर न्याय (बालकों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम जैसे कानूनों से जुड़े मामलों का भी अनुभव रहा है। उन्होंने राज्य सरकार के साथ-साथ ओड़िशा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा वे अलग-अलग सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े मामलों में अधिवक्ता के रूप में पैरवी कर चुके हैं।
जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा ने सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, क्योंझर, भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग(NIOS), नई दिल्ली, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत विभिन्न संस्थानों के लिए अधिवक्ता के रूप में काम किया है। वकालत के दौरान विभिन्न प्रकार के मामलों में उनकी विशेषज्ञता रही, जिसके बाद उन्हें न्यायिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली।
जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को 17 अप्रैल 2015 को ओड़िशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद से वे ओड़िशा हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद उनका स्थानांतरण छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट किया जा रहा है। कॉलेजियम ने ओड़िशा हाईकोर्ट के जस्टिस मानस रंजन पाठक के तबादले की भी अनुशंसा की है। उन्हें गुजरात हाईकोर्ट भेजा जाएगा। इस तरह कॉलेजियम के फैसले से ओड़िशा हाईकोर्ट के दो जज अलग-अलग हाईकोर्ट में जाएंगे। इनमें से जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और जस्टिस मानस रंजन पाठक गुजरात हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारी संभालेंगे।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की महत्वपूर्ण बैठक 6 अगस्त 2026 को हुई थी। इसी बैठक में दोनों जजों के स्थानांतरण की अनुशंसा की गई। कॉलेजियम के इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के रूप में नया न्यायाधीश मिलने का रास्ता साफ हुआ है। उनके अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Updated on:
09 Aug 2026 04:55 pm
Published on:
09 Aug 2026 04:55 pm
