
एक ही साल में धोखेबाज़ों ने सैकड़ों खातों से पार किये लाखों रुपये, बैंक अधिकारी बनकर किसी को नहीं छोड़ा
बिलासपुर. वर्ष 2018 में धोखेबाज एटीएम ठगी (money withdrawn from account by ATM cloning) के आरोपियों ने जिले में रहने वाले 369 को झांसा देकर खातों से लाखों रुपए पार कर दिए। पुलिस ने मामले तो दर्ज किए , लेकिन आरोपियों को पकडऩे में पुलिस ज्यादा सफल नहीं हुई (police registered complaints against ATM fraud) । महज 73 मामलों में पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा। ठगी से बचने के लिए पुलिस ने जागरूकता के दावे बहुत किए लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज तक पुलिस ने जागरूकता अभियान नहीं चलाया।
जिले में रहने वाले पढ़े लिखे व्यक्तियों के साथ-साथ सरकारी दफ्तरों के अधिकारी और कर्मचारियों के बैंक खाते राष्ट्रीयकृत बैंक में हैं। दूसरे प्रदेशों में रहने वाले ठग गिरोह के सदस्य लगातार लोगों को मोबाइल पर कॉल कर उन्हें अपना परिचय बैंक अधिकारी के रूप में देकर एटीएम कार्ड ब्लॉक होने, एटीएम का रिन्युअल करने समेत अन्य झासे देकर उनसे खाते का नंबर और एटीम कार्ड का नंबर पूछते हैं। (loot worth lakhs from bank account)
जालसाजों की बातों में आकर लोग खाते औरएटीएम की गोपनीय जानकारी ठगो को बता देते हैं। इसके बाद जालसाज लोगों के मोबाइल पर आने वाले ओटीपी नंबर को पूछकर उनके खातों से रकम पार कर देते हैं। ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसके अलावा ठग ईनामी लॉटरी लगने, ओएलएक्स पर संपत्ति बिक्री करने का झांसा देकर रकम खाते में जमा कराने और लोगों को उनके मोबाइल नंबर का चयन लाखों की लॉटरी लगने का झांसा देकर रकम भेजने के लिए प्रोसेसिंग फीस जमा करने का झांसा देकर लाखों रुपए पार कर रहे हैं। वर्ष 2018 में जिले के 20 थानों में एटीएम ठगी के 369 प्रकरण दर्ज हुए हैं। यानी 365 दिनों में जालसाजों ने जिले के 396 लोगों को अपना शिकार बनाया है।जालसाजों ने वर्ष 2018 में 72 लाख से अधिक की राशि पार कर चुके हैं।
झारखंड व पंजाब से अब तक हुए आरोपी गिरफ्तार
पुलिस को जांच में अब तक ठगी करने वाले जालसाजों का लोकेशन पंजाब के लुधियाना, भटिंडा और झारखंड के जामताड़ा, गिरीडीह,धनबाद समेत आसपास के इलाकों के ग्रामीण क्षेत्रों में मिला है। इनक्षेत्रों में पुलिस ने 3-4 बाद पंजाब व झारखंड के अलग-अलग इलाकों से करीब डेढ़ दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वर्ष 2018 में पुलिस ने 73 प्रकरणों में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
बैंक नहीं मांगता गोपनीय जानकारी (bank does not demand your personal information)
बैंक ग्राहकों से खाते और एटीएम से संबंधित गोपनीय जानकारियां मोबाइल के माध्यम से कभी नहीं पूछता। बैंक लोगों को खाते के रजिस्टर्ड नंबरों पर मैसेज भेजकर ठगी करने वाले लोगों के कॉल आने पर जानकारी नहीं देने की हिदायत देता है। लोगों को खाते और एटीएम से संबंधित जानकारी देकर खाता नंबर व एटीएम नंबर पूछने वाले व्यक्तियों के कॉल आने पर जानकारी नहीं देनी चाहिए। ऐसा करने से लोग ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं । जानकारी मांगने वाले व्यक्ति का नंबर संबंधित थाने में देकर शिकायत भी की जा सकती है।
Published on:
08 Jul 2019 03:15 pm
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