
बिलासपुर . कोल डिपो से निकलने वाले अधिकांश भारी वाहनों की रफ्तार जानलेवा साबित हो रही है। पिछले १ महीनों में कोयले से भरे वाहनों की चपेट में आकर 267 लोगों की मौत हो चुकी है। वाहनों की रफ्तार पर लगाम तो दूर, पुलिस इन्हें शहर में प्रवेश करने से भी नहीं रोक पा रही। कोयले की अफरा-तफरी करने वाले कारोबारी पुलिसिया कार्रवाई से बचने के लिए वाहनों को तेज रफ्तार से दौड़ा रहे हैं। ऐसे अधिकांश वाहन रात में चलते हैं। इनकी रफ्तार 80 किलो मीटर प्रतिघंटे से कम नहीं होती। हेराफेरी के माल को जल्द खपाने के खेल में वाहन चालक लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हैं। सड़क पर सामने जो भी आ जाए वाहन चालक रफ्तार करने के बजाए और बढ़ा देते हैं, जिससे हादसे हो रहे हैं। पुलिस के रिकार्ड में पिछले 11 महीनों में 267 सड़क हादसों में 267 लोगों की मौत कोयले से भरे भारी वाहनों की चपेट में आने से हुई है।
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कोटा , रतनपुर, हिर्री में होते हैं हादसे : कोटा, रतनपुर और हिर्री थाना क्षेत्र में कोयले से भरे भारी वाहनों का दिनभर आना-जाना लगा रहता है। तीनों थाना क्षेत्रों में करीब 8 कोल डिपो हैं, जहां भारी वाहनों के आने जाने का सिलसिला 24 घंटे जारी रहता है। तीनों थाना क्षेत्रों की सड़कों पर दो पहिया वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं है।
कोनी में हुई दो बच्चियों की मौत : कोनी थानांतर्गत ग्राम जलसो में 2 दिसंबर को शाम पौने 6 बजे कोयले से भरे ट्रेलर (सीजी-10, आर-9765) के चालक ने तेज एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए साइकिल सवार सुधा पिता कोमल प्रसाद (12) और उसकी चचेरी बहन भूरी पिता रामायण (5) को अपनी चपेट में ले लिया था। हादसे में दोनों बच्चियों की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद चालक ट्रेलर लेकर ग्राम पौंसरा गया और मुख्य मार्ग पर गाड़ी छोड़कर भाग निकला।
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कोयले से भरे ट्रेलर की टक्कर से हुई थी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी की मौत : 30 नवंबर को सरकंडा थानांतर्गत मोपका मुख्य मार्ग पर एक्टिवा सवार दंपती को कोयले से भरे ट्रेलर के चालक ने टक्कर मार दी थी। आरोपी चालक वाहन समेत फरार हो गया था। कुदुदंड निवासी दंपती को उपचार के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मधुकर कदम (55) की मौत हो गई थी।
थानेदारों को करेंगे निर्देशित : कोयले से भरे वाहनों को बाइपास से डायवर्ट करने पूर्व में पहल की गई थी। भारी वाहनों के चालकों को बाइपास से वाहन चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका कड़ाई से पालन करवाने के लिए फिर से थानेदारों को आदेश जारी किया जाएगा।
अर्चना झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, (ग्रामीण)
Published on:
19 Dec 2017 11:49 am
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