
Monsoon Update: सावन के महीने के पहले ही दिन शाम से देर रात तक बारिश से मौसम सुहाना उठा। शहर में सोमवार को सुबह से दोपहर तक धूप-छांव की स्थिति बनी रही। शाम 5 बजे के बाद काली घटाएं छाईं और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। देर रात तक कभी धीमी तो कभी तेज बारिश होती रही। इससे एक ओर जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली तो दूसरी ओर किसानों को भी उम्मीद जगी है कि आषाढ़ माह (Monsoon) तो निकल गया, सावन में जरूर बारिश होगी।
मौसम विभाग के अनुसार एक चक्रवाती परिसंचरण गंगीय पश्चिम बंगाल के मैदानी क्षेत्र और उससे सटे झारखंड व ओडिशा के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपरस्थित है। इसके प्रभाव से मंगलवार को जिले के कुछ स्थानों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
राजधानी रायपुर समेत सभी संभागों के जिलों में बीते दो दिनों से अच्छी बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने आज मंगलवार को 11 जिलों में अगले तीन घंटो लिए येलो और 19 जिलो के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के बलौदा बाज़ार, बेमेतरा, जंजगीर चांपा, कबीरधाम, बिलासपुर, महासमुंद, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर, सक्ति, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
वहीं बालोद, बलरामपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, गरियाबंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जशपुर, कांकेर, कोंडागांव, कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, नारायणपुर, सुकमा, सूरजपुर, सरगुजा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी, हैवी रेन फॉल यानि तेज बारिश की (Monsoon 2024) संभावना जताई गई है।
बालोद में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के चलते शहर के बस स्टैंड में 3 फीट तक पानी भरा है। बस स्टैंड के बगल से गुजरने वाले एनएच-930 के निर्माण के साथ ही ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई है। बारिश की वजह से स्कूलों में पानी भर गया है, जिससे बच्चों को छुट्टी दे दी गई है।
जानकारी के अनुसार सरगुजा में सबसे कम बारिश 181.3 मिमी, जो सामान्य से 63 प्रतिशत कम है, यहां 494.5 मिमी बारिश होनी थी। इसी प्रकार बीजापुर में सर्वाधिक बारिश 943.2 मिमी हुई है जबकि अब तक यहां 511 मिमी बारिश होनी थी, जो सामान्य से 85 प्रतिशत ज्यादा है।
वहीं दूसरी ओर रायपुर जिले में 319.2 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत कम है, रायपुर में अब तक 400.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी।
आषाढ़ माह में अन्य वर्षों के अपेक्षाकृत कम बारिश हुई। लेकिन सावन के महीने का आगाज बारिश के साथ हुआ। हालांकि सोमवार को सुबह से लेकर शाम 4 बजे तक धूप-छांव की स्थिति बनी रही। शाम 5 बजे के बाद काली घटाएं छाई और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। यह क्रम देर रात तक (Monsoon 2024) बना रहा। इस बीच कभी धीमी तो कभी तेज बारिश होती रही। इससे उमस भरी गर्मी से काफी हद तक राहत मिली।
इधर किसानों के चेहरों में भी उम्मीद भरी मुस्कान देखने को मिली। बतादें कि आषाढ़ माह में ख्याति अनुरूप जैसी बारिश होनी चाहिए थी, नहीं हुई। इसे लेकर किसानों को चिंता सताने लगी कि आगे भी यही स्थिति बनी रही तो कहीं सूखा न पड़ जाए। सावन के पहले दिन की शुरुआत सोमवार (Monsoon) से हुई। मौसम अनुरूप पहले दिन बारिश होने से किसानों में इस बात हको लेकर खुशी है कि अगर आगे भी इसी तरह बारिश होती है तो धान की रोपाई का काम आसान हो जाएगा।
Updated on:
23 Oct 2024 12:18 pm
Published on:
23 Jul 2024 03:58 pm
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