
Monsoon Update Today: बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिम व उससे सटे इलाकों में अवदाब बना हुआ है। जिसके असर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने 21 जुलाई तक आरेंज अलर्ट जारी किया है। कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। जिले में शुक्रवार को रुक-रुक कर बारिश होती रही। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में एक जून से अब तक 232 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 9 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे में रायपुर, बालोद, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा और सुकमा में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 6 जिलों नारायणपुर, बीजापुर, राजनांदगांव, कांकेर, मोहला-मानपुर और खैरागढ़ (Rain Alert) के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
बता दें कि इस बार 1 जून से 19 जुलाई तक 309 मिली मीटर बारिश हो चुकी है। जो कि औसत बारिश से 26 फीसदी कम है। पिछले 24 घंटों में बीजापुर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
बिलासपुर में सुबह से ही रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग के (Monsoon 2024) मुताबिक यहां पर 2-3 दिनों तक लगातार बारशि हो सकती है।
19 जुलाई को प्रदेश के कई जगहों पर बिजली गिरने की वजह से 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं, बालोद में दो जगहों पर किसानों की जान चली गई।
महासमुंद में 302, सरायपाली में 239.6, बसना में 276, पिथौरा में 200, बागबाहरा में 218, कोमाखान में 156.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। 19 जुलाई को महासमुंद, सरायपाली, पिथौरा में एक मिमी, बसना में तीन, बागबाहरा में 19 मिमी, कोमाखान में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को सुबह तेज धूप खिली। दोपहर के बाद आसमान में बादल छाने के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। शाम पांच बजे के बाद भी कुछ देर (Monsoon Update CG) तक मूसलाधार बारिश हुई। एक जून से अब तक 37 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। प्रतिवर्ष 19 जुलाई की स्थिति में 374 मिमी वर्षा हो जाती है, लेकिन इस वर्ष कम बारिश हुई है।
अब तक औसत से 63 प्रतिशत बारिश हुई है। महासमुंद तहसील में 34 प्रतिशत, सरायपाली 37, बसना 27 प्रतिशत, पिथौरा में 41 प्रतिशत, बागबाहरा में 33 प्रतिशत, कोमाखान में 52 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इधर, किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार है। क्योंकि, रोपाई का कार्य पिछड़ गया है। जिन किसानों धान की बोआई कर दी है, उन्हें अब बियासी के लिए मूसलाधार बारिश होने का इंतजार है। देखा जाए तो पिछले कुछ दिनों से जिले में खंड वर्षा हो रही है। इस वर्ष 993 मिमी बारिश होने का अनुमान है। हर साल सावन महीने में बारिश का कोटा पूरा होता है। दो दिन बाद सावन माह लगने वाला है।
बारिश के बाद सड़कों की सूरत बदल चुकी है। बारिश के पहले जहां की सड़कें खराब थी, उसकी हालत अब बदतर हो गई है। पैदल चलना भी मुश्किल है। डामर की परत उखड़ गई है। जगह-जगह जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। बारिश होने पर इन गड्ढों में पानी भर जाता है। फिर चालकों को वाहन चलाने में दिक्कत होती है।
बरोंडाबाजार से साराडीह जाने वाला मार्ग जर्जर हो गया है। बहनी से चिंगरौद, बहनी से बेलसोंडा जाने वाले वाला मार्ग की हालत भी काफी खराब है। इसी तरह सरायपाली से सागरपाली मार्ग पर वाहन चलाना खतरनाक है। क्योंकि, बारिश के बाद गड्ढों का आकार बड़ा हो गया है। बारिश होने के पानी भर जाता है। फिर लोगों की परेशानी शुरू हो जाती है।
Updated on:
20 Jul 2024 02:19 pm
Published on:
20 Jul 2024 02:19 pm
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