
Weather Update: महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2024 से अब तक 226.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। जिले में औसत वर्षा महासमुंद तहसील में 301.3 मिलीमीटर, बसना में 274.8 मिलीमीटर, सरायपाली में 238.6 मिलीमीटर, पिथौरा में 199.6 मिलीमीटर, बागबाहरा में 199.1 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 146.2 मिमी कोमाखान तहसील में दर्ज की गई।
18 जुलाई को 8.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। कोमाखान तहसील में 12.9 मिलीमीटर, बसना में 10.3 मिलीमीटर, महासमुंद में 10 मिमी, सरायपाली में 7.9 मिमी, बागबाहरा में 6.5 मिमी और सबसे कम वर्षा 5.4 मिलीमीटर पिथौरा तहसील में दर्ज की गई।
बंगाल की खाड़ी में निन दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मौसम विभाग ने 19 को रेड और 20 व 21 जुलाई तक आरेंज अलर्ट जारी किया है। जिले के कुछ हिस्से में भारी बारिश हो सकती है। किसानों को राहत मिलने की उमीद है। अधिकतम तापमान भी कम हुआ है। मौसम विभाग आगामी कुछ दिनों में अच्छी वर्षा होने का अनुकान लगाया है। इस साल सभी विकासखंड में औसत वर्षा से कम बारिश देखने को मिल रही है।
इधर बारिश के बाद सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। पिछले कुछ दिनों से शहर में अच्छी बारिश हो रही है। इससे शहर के आस-पास कई कालोनिया में जहां कच्चे रास्ते हैं, वहां पर कीचड़ का आलम है। लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। मचेवा पंचायत के अंतर्गत आने वाले रमन टोला में इन दिनों कीचड़ का आलम है। लोग अपने दोपहिया वाहनों से भी फिसलकर गिर रहे हैं। सड़क नहीं होने से आने-जाने में परेशानी होती है। जिले में 18 जुलाई तक 364 मिमी बारिश होती है, लेकिन अब तक 226 मिली बारिश हुई है। अब तक 37 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पिछले कई वर्षों में इस वर्ष कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे कम बारिश कोमाखान तहसील में दर्ज की गई है। किसान भी कम बारिश से चिंतित है।
जुलाई माह में भी मानसून की बेरुखी के कारण बांधों की प्यास नहीं बुझी है। कोडार बांध में 7.10 फीट ही पानी है, जो बांध की क्षमता का 10 प्रतिशत ही है। कोडार बांध मानसून सीजन में हुई बारिश पर ही निर्भर बरता है। वहीं केशवा जलाशय में 13.70 फीट पानी है, जो क्षमता को 12 प्रतिशत ही है। लघु जलाशयों में भी 95 जलाशय ऐसे हैं, जिसमें 25 फीसदी भी पानी नहीं है। इस बार बारिश नहीं होने से बांधों में पानी नहीं भर पाया है। शहर के आस-पास के तालाब का भी जलस्तर काफी कम है। इससे निस्तारी की भी समस्या हो रही है। जिले के ज्यादातर बांध, लघु जलाशय और तालाब मानसून के वर्षा पर ही निर्भर है। इस साल जुलाई में कम बारिश हुई है।
Updated on:
20 Jul 2024 08:10 am
Published on:
19 Jul 2024 04:45 pm
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