
बिलासपुर . सांप कभी दूध नहीं पीता यह उसके लिए जहर के समान है, सांप के जहर से नहीं बल्कि घबराहट में हार्ट अटैक से होती है ज्यादातर मौतें इसलिए कभी भी सर्पदंश होने पर घबराएं नहीं झाडफ़ूंक के या देशी दवाओ के चक्कर में न पड़ें, एंटी स्नेक वेनम ही इसका उपचार है। तत्काल चिकित्सक के पास ले जाएं ये कहना है स्नेक रेस्क्यू सोसायटी के अध्यक्ष कमल चौधरी का। वे यहां पत्रिका कार्यालय में पत्रिका टॉपिक ऑफ द डे कार्यक्रम में जागकरूकता का संदेश देने पहुंचे थे। रेलवे में नौकरी कर रहे कमल ने बताया कि वे जनसेवा और सांपों के प्रति लोगों में व्याप्त भ्रांति को दूर करने के लिए लगातार जनजागरण कर रहे हैं, ताकि लोग सजग हो सकें। सांपों के साथ प्रदर्शन करने पहुंचे कमल ने बताया कि अभी तक वे स्कूल, कॉलेज और गांवों में 200 से अधिक जनजागरण शिविर कर लोगों के सामने प्रदर्शन कर चुके हैं। इस दौरान छह बार उनहें खुद सांप डस चुका है 3 बार अपोलो में इलाज के लिए भर्ती होना पड़ा अभी तक उन्हें खुद 57 स्नेक एंटी वेनम वैक्सीन लग चुका है।
READ MORE : कर्मचारी आंदोलनों में शिथिलता आई पर कमजोर नहीं हुआ : पीएल यादव
ये सावधानी बरतें : जब भी किसी व्यक्ति को सांप डसे उसे घबराना नहीं चाहिए शांत बैठकर सर्पदंश के स्थल को साफ पानी से धोएं, इसके बाद जहां सांप ने काटा है उसके ऊपर कै्रप बैंडेज बांधना चाहिए और तत्काल अस्पताल पहुंचाना चाहिए ताकि उसे सही समय में एंटी वेनम का डोज लगाकर उसकी जान बचाई जा सके।
देश भर में 267 प्रजाति के सांप : एंटी स्नैक रेस्क्यू टीम के अध्यक्ष ने बताया कि भारत में 267 प्रजाति के सांप पाए जाते हैं इनमें से महज 15 जहरीले होते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा खतरनाक 4 प्रजाति के सांप है जिसमें रसल वाइपर, फर्सरा, डोमी नाग और घोड़ा करैत हैं।
सिलेबस में शामिल होना चाहिए : एंटी स्नैक रेस्क्यू टीम के अध्यक्ष ने कहा कि सर्पदंश से सर्वाधिक मौतें ग्रामीण इलाकों में होती है, इसका मुख्य कारण शिक्षा क अभाव है। उन्होंने कहा कि संापों के प्रति जनमानस में और जागरूकता लाने की आवश्यकता है इसे शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।
READ MORE : शहर की समस्याओं पर कांग्रेस प्रवक्ता से बातचीत, देखें वीडियो
ऐसे मिली प्रेरणा : रेस्क्यू टी मे अध्यक्ष ने बताया कि उनके संस्थान का पंजीयन महज तीन साल पहले हुआ है लेकिन वे 11 साल से सांपों और सर्पदंश से लोगों को बचाने के लिए जनजागरण और सेवा का कार्य कर रहे हैं, करीब 11 साल पूर्व मुंगेली क्षेत्र में सर्पदंश से एक बच्ची की मौत हो गई थी, जब वे वहां पहुंचे तो परिजन रो बिलख रहे थे। सुबह सात बजे बच्ची को सांप ने काटा था और परिजन उसे डेढ-दो बजे अस्पताल लेकर पहुंचे देरी का कारण पूछने पर परिजनों ने बताया कि झाड़ फूंक करा रहे थे बस यहीं से उनके मन में लोगों को जागरूक करने का भाव आया और वे इस काम में जुट गए।
Published on:
23 Jan 2018 01:34 pm
बड़ी खबरें
View Allबिलासपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
