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Online Satta: देशभर में फैले ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 45 लाख समेत दो सटोरिए गिरफ्तार, ऐसे हुआ पूरे नेटवर्क का खुलासा

Online Satta: ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहे संगठित सट्टा नेटवर्क पर बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

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45 लाख समेत दो सटोरिए गिरफ्तार (फोटो सोर्स- पत्रिका)

45 लाख समेत दो सटोरिए गिरफ्तार (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Online Satta: ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहे संगठित सट्टा नेटवर्क पर बिलासपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के विशेष अभियान "प्रहार" के तहत एसीसीयू (सायबर सेल) और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में की गई, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसमें सट्टा किंग राजा बजाज भी शामिल है।

देशभर में फैला था नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी रिक्की पैनल के जरिए से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे। इस पैनल के जरिए कस्टमर को एविएटर, विन्गो, कैसिनो, हॉर्स राइडिंग सहित अन्य ऑनलाइन गेम्स उपलब्ध कराए जाते थे, जिन पर हार-जीत का दांव लगाया जाता था। यह पूरा नेटवर्क पैन इंडिया स्तर पर फैला हुआ था।

आरोपी टेलीग्राम के जरिए कस्टमर जोड़ते थे, जबकि व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर उन्हें लिंक उपलब्ध कराया जाता था, जिसके माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खेला जाता था।सट्टे के इस कारोबार में मुनाफे का बंटवारा भी तय था, 65 प्रतिशत हिस्सा हेड ऑफिस को और 35 प्रतिशत हिस्सा ब्रांच ऑपरेट करने वालों को मिलता था।

पूर्व में पकड़े गए सटोरये से खुला था राज

इससे पहले 21 दिसंबर 2025 को मनोज पोपटानी पिता नंदलाल पोपटानी, निवासी हेमुनगर तोरवा, बिलासपुर को गिरफ्तार किया गया था, जिसने पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा किया था और बताया था कि वह राजेश बजाज और प्रदीप खत्री के साथ मिलकर सट्टा संचालित करता है। वहीं, अभी भी कुछ सटोरिये फरार हैं। जिनकी तलाश जारी है।

फर्जी सिम और बैंक खातों से चलता था पूरा खेल

पूरे नेटवर्क को संचालित करने के लिए आरोपी फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों का उपयोग करते थे। आम लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल किए जाते थे और उन्हीं खातों के जरिए सट्टे की रकम का लेन-देन किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए बैंक खातों में लाखों रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

संपत्तियों की जांच शुरू, सब कुछ होगा जब्त

पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित चल-अचल संपत्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने आगे और खुलासों के लिए आवश्यकता अनुसार पुलिस रिमांड लेने की भी बात कही है।

लाखों का लेन-देन और नगदी बरामद

गिरफ्तारी के दौरान मुख्य आरोपी राजेश उर्फ राजा बजाज के कब्जे से 6,90,000 रुपए नगद राशि बरामद की गई। इसके अलावा जांच में ऑनलाइन सट्टा के जरिए लाखों रुपए के लेन-देन की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार आरोपी बिलासपुर और रायपुर में रहकर लगातार ठिकाना बदलते थे और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा संचालित करते थे।

आरोपियों से लैपटॉप, मोबाइल, कार समेत ४० लाख की जब्ती

आरोपियों से पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल, कार और रजिस्टर समेत 45 लाख की जब्ती की। जिनमें लैपटॉप, मंहगे मोबाइल, 5 बैंक पासबुक और 5 चेकबुक, होंडा सिटी कार (सीजी 10 एएल 6300), मारुति ब्रेजा कार (सीजी 10 बीएस 2111), मारुति स्विफ्ट डिजायर कार (सीजी 10 ए क्यू 3352), होंडा एक्टिवा, 6,90,000 नगदी, 2 रजिस्टर (जिनमें ऑनलाइन सट्टा के लाखों रुपये का विस्तृत हिसाब-किताब दर्ज है) शामिल हैं।

ये आरोपी पकड़े गए, बदल रहे थे ठिकाना

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में राजेश उर्फ राजा बजाज पिता किशन चंद्र बजाज, उम्र 34 वर्ष, निवासी गार्डन सिटी, मोपका, थाना सरकंडा और प्रदीप खत्री पिता रामचंद खत्री, उम्र 34 वर्ष, निवासी आदित्यनाथ परिसर, मंगला थाना सिविल लाइन बिलासपुर शामिल हैं। मुख्य आरोपी राजेश उर्फ राजा बजाज लंबे समय से फरार था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 5000 का इनाम घोषित किया गया था। वह पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाना बदल रहा था और रायपुर में छिपकर रह रहा था।