KBC क्विज में लकी ड्रा का ऑफर देकर लाखों की ठगी, पाकिस्तानी एंजेटों के थ्रू इंडिया में चल रहा था नेटवर्क

पाकिस्तानी नम्बरों व कुछ भारत के नम्बर से फोन कर लोगों को झांसे में लिया जाता था कि मैं रिलायंस जियों से मुकेश अम्बानी बोल रहा हूं। आप जियो लकी ड्रॉ में 25 लाख जीते हैं। वहीं केबीसी के भाग्यशाली विजेता बनने का मौका व अतिरिक्त दो करोड़ रुपए जीतने का मौका जैसे लोक लुभावन झांसे देकर उनसे ठगी करते थे।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 19 Oct 2020, 10:10 PM IST

बिलासपुर. पाकिस्तानी एजेंटों द्वारा इंडिया में साइबर अपराध को संचालित करने वाले गोरखधंधे का बिलासपुर पुलिस ने 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मध्यप्रदेश, मुम्बई व ओडिशा के रहने वाले बताए गए हैं। ये आरोपी केबीसी क्विज या जियो में लकी ड्रा का ऑफर देकर लाखों की ठगी करते थे। आरोपियों के पास से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल, 15 लाख रुपए नगद सहित कुल 42 लाख रुपए जब्त किया है।

रिलायंस, केबीसी व अन्य क्वीज के माध्यम से लेते थे लोगों को झांसे में

पाकिस्तानी नम्बरों व कुछ भारत के नम्बर से फोन कर लोगों को झांसे में लिया जाता था कि मैं रिलायंस जियों से मुकेश अम्बानी बोल रहा हूं। आप जियो लकी ड्रॉ में 25 लाख जीते हैं। वहीं केबीसी के भाग्यशाली विजेता बनने का मौका व अतिरिक्त दो करोड़ रुपए जीतने का मौका जैसे लोक लुभावन झांसे देकर उनसे ठगी करते थे।

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आपरेशन 65 लाख में पुलिस को मिले 12 बैंक एकाउंट की डिटेल

नगर सैनिक जनक राम पटेल द्वारा विभिन्न एकाउंट की जांच की गई तो पता चला कि 65 लाख की रकम को विभिन्न एकाउंट में ट्रॉंसफर किया गया है। ये एकाउंट उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, कोलकत्ता व अन्य प्रदेश में संचालित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन 50 लाख रुपए मध्यप्रदेश के एकाउंट से हुआ है।

खातों की जांच कर विराट तक पहुंची टीम

खाते की जांच के आधार पर बिलासपुर टीम मध्यप्रदेश रीवा जिले में लाइनबधरी सेमरिया निवासी विराट सिंह पिता राजेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया। इसके एकाउंट एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसी बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया से 50 लाख जमा कराया गया था व यूपीआई पेमेंट फोन पे, पेटीएम के माध्यम से मुम्बई वर्ली निवासी राजेश पिता सुखऊ जायसवाल, हर्ष पिता राजेश जायसवाल के एकाउंट में ट्रांसफर हुआ था।

विराट ने किया मामले में किया खुलासा, पाकिस्तानी एजेंट बड़े मामू व छोटे मामू का

आपरेशन 65 के तहत गिरफ्तार हुआ पहो आरोपी विराट ने बताया कि पाकिस्तान के छोटे मामू उर्फ असरफ, बड़े मामू उर्फ असगर व सलीम काम करता है। छोटे मामू, बड़े मामू व सलीम फोन कर लोगों से झांसे में लेते थे व विराट लोगों को एकाउंट नम्बर उपलब्ध कराता था जिससेउसके एकाउंट में रुपए आते हैं। जमा रकम से विराट ३ प्रतिशत कमीशन काट कर बड़े मामू, छोटे मामू व सलीम के एकाउंट में रुपए डाल देता था।

विराट देश भर के खातों में करता था रुपए ट्रांसफर

विराट ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसके खाते में आई रकम को वह हैदराबाद, कर्नाटक, बेंगलुरु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड व दिल्ली के खातो में ट्रांसफर किया करता था। विराट ने बताया कि उसने पाकिस्तानी निवासी छोटे मामू व बड़े मामू के कहने पर राजेश व हर्ष जायसवाल के खाते में 45 लाख रुपए जमा कराए थे।

राजेश रुपए को बदलता था बीट क्वाइन में

विराट सिंह के बयान के आधार पर टीम ने राजेश जायसवाल को हिरासत लिया। पूछताछ में राजेश जायसवाल ने बताया कि वह खातों का संचालन करता है व खाते में आने वाली रकम को डिजिटल करेंसी बीटक्वाइन तबदील कर छोटे मामू व बड़े मामू को भेज दिया करता था।

15 लाख रुपए डिजिटल पेमेंट सालूशन पुलिस ने कराई फ्रीज

विराट से पुछताछ में हुए खुलासे में बिलासपुर टीम ओडिशा पहुंची। टीम ने डिजिटल पेमेंट सालूशन के संचालक सीताराम गौड़ा को गिरफ्तार कर उसके एकाउंट में रखे 15 लाख से अधिक रकम को फ्रीज करा दिया।

आपरेशन 65 के तहत गिरफ्तार हुआ आरोपी

1. विराट सिंह पिता राजेन्द्र सिंह (21) निवासी बेन बधरी सिरमोर जिला रीवा मध्यप्रदेश
2. शिवम ठाकुर पिता राजेन्द्र सिंह ठाकुर (20) निवासी निमाङ नगर जिला देवास मध्य प्रदेश

3. संजू चैहान पिता गोकुल चैहान (20) निवासी निमाङ नगर जिला देवास मध्यप्रदेश
4. राजेश जायसवाल पिता सुखउ जायसवाल (55) निवासी 1 एसएमनाइक चाल गोल्फा देवी रोड कोली बाडा कॉलोनी वर्ली मुबंई

5. सीताराम गौडा पिता सुर्दशन गौडा (35) निवासी बदांगी तारासिंह जिला गंजाम ओडिशा
पुलिस ने कुछ आरोपियों की पहचान की है उनकी जल्द ही गिरफ्तार करने की बात कह रही है।

एसटीएफ कर चुकी है जांच

बडे मामू व छोटे मामू का नाम पहले भी ऑनलाइन ठगी व अन्य मामलों में आ चुका है। मामले में एसटीएफ की टीम लम्बे समय तक मामले की जांच करती रही। उस दौरान एसटीएफ ने भी काफी रुपए पाकिस्तान के लिए फंडिंग की बात सामने आई थी।

इन नम्बरों का करते थे इस्तेमाल आरोपी ठगी के लिए

923137298150, 923010483276, 923236842411, 923324337688, 923037531483, 923006075119, 923096781889, 923026550885, सलीम का नम्बर 923151718848, 923037717314, 923013652992स बडे मामू उर्फ असगर पाकिस्तानी हैण्डलर का नम्बर 923030020190, छोटे मामू उर्फ असरफ पाकिस्तानी हैण्डलर का नम्बर 923016739968, 923022601283, 923036069794, 92300836500, 923037614993 के साथ ही भारतीय नम्बर 916399064540, 919648860030,, 917354679280, 918815383283, 917354679280 का इस्तेमाल हो रहा था।

टीम में शामिल सदस्य को मिलेगा पुरस्कार

गौरव राय प्रोविजनल आईपीएस, कलीम खान, प्रभाकर तिवारी, मनोज नायक, निरीक्षक बृजलाल भारद्वाज, सउनि शिव चंद्रा, गजेन्द्र शर्मा, बलबीर सिंह, संतोष यादव, धमेन्द्र साहू, नवीन एक्क, दीपक उपाध्याय, दीपक यादव, तदवीर पोर्ते, विकास राम, मुकेश वर्मा, राकेश बंजारे, सोनू पाल, राजेश नारंग, गोकुल जांगडे, संदीप शर्मा, राजेश यादव व नकुल सिंह को आईजी दीपांशु काबरा व एसपी प्रशांत अग्रवाल ने पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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