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पत्रिका जनादेश यात्रा 2023: मैदान नहीं, इसलिए खेल में पिछड़ रहे

CG Election News: पत्रिका की जनादेश यात्रा शुक्रवार सुबह बिलासपुर से चकरभाटा होते हुए बिल्हा पहुंची।

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पत्रिका जनादेश यात्रा 2023: मैदान नहीं, इसलिए खेल में पिछड़ रहे

पत्रिका जनादेश यात्रा 2023: मैदान नहीं, इसलिए खेल में पिछड़ रहे

बिलासपुर। CG Election News: पत्रिका की जनादेश यात्रा शुक्रवार सुबह बिलासपुर से चकरभाटा होते हुए बिल्हा पहुंची। यहां पत्रिका के कार्यक्रम में बड़ी संया में लोग शामिल हुए। लोगों ने हमारे मंच पर अपनी कई तरह की समस्याएं साझा कीं। उन्होंने बताया, इस विधानसभा चुनाव वे सड़क, नाली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर वोट करेंगे। उनका कहना था, चुनावों के समय तमाम राजनीतिक पार्टियों के नेता लोगों के बीच नजर आने लगते हैं। जैसे ही चुनाव खत्म, काम खत्म।

फिर उनके दर्शन दुर्लभ हो जाते हैं। युवाओं का कहना था, हम खेल में पिछड़ रहे हैं क्योंकि हमारे पास मैदान नहीं है। बच्चों को खेलने के लिए दूर जाना पड़ता है। राज्य बनने के बाद से ही इलाके में कोई खास विकास नहीं हुआ है। संतराम साहू ने कहा, बिल्हा से बलौदाबाजार जाने वाली सड़क खराब हो चुकी है।

बारिश में आए दिनों दुर्घटनाएं होती हैं। बावजूद इसके प्रशासन ने इसे सुधारने के लिए कोई पहल नहीं की। नाली की सफाई भी बड़ा मुद्दा है। सावित्री धुर्वे ने कहा, वह वोटिंग के लिए एलिजिबल हो गई है। तमाम प्रयासों के बावजूद उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ा।

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स्थानीय मुद्दे जरूरी

श्याम रतन यादव ने कहा, चुनाव में नेताओ के वादों पर भरोसा न करते हुए हमें स्थानीय मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। हम अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए नेता चुन रहे हैं। जिस प्रत्याशी को स्थानीय समस्याओं के बारे में पता ही नहीं होगा, वह उसका निराकरण कैसे करेगा। आज जब हम वोट देने जाएं तो स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखें।

धर्म-संस्कृति भी जरूरी है

राजेश शर्मा का कहना है, इलाके का विकास, अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं जरूरी हैं। लेकिन, हमें अपनी धर्म-संस्कृति के संरक्षण की ओर भी ध्यान देना चाहिए। हमारी परंपरा गौरवशाली रही है। अगर यही नहीं रही तो हमारे इतिहास का भी नामोनिशां मिट जाएगा। अधिक से अधिक संया में मतदान करें।

अच्छे स्कूल हैं न मैदान

नीलम शेंडे ने कहा, वे चुनाव में पहली बार वोट डालने जा रहीं हैं। उनके गांव में न तो अच्छे स्कूल हैं, न ही मैदान हैं। गांव के बच्चों में खेलने की बहत ललक है। लेकिन, सुविधाओं के अभाव में वे चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते। गांव में निकासी भी बड़ी समस्या है। बारिश के दिनों में काफी परेशानी होती है।

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एक दिन का विधायक...

कोई हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारेगा, कोई जलाएगा शिक्षा की अलख

जनादेश यात्रा के दौरान इस सवाल पर कि आपको एक दिन का विधायक बनने का मौका दिया जाए तो आप क्या करेंगे? इस पर काफी दिलचस्प जवाब सुनने को मिला। बिल्हा के सुरेश शेंडे का कहना था, सबसे पहले तो वे पूरे बिल्हा में स्ट्रीट लाइट लगवाएंगे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति में सुधार लाएंगे। ताकि, जनता को छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए दूसरे शहर जाने की परेशानी नल उठानी पड़े। वहीं नांदघाट के संतोष दीवान ने कहा, अगर वे एक दिन के विधायक बनते हैं तो अपने गांव में ही आईआईटी और एम्स बनवाएंगे।