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PM RAHAT Scheme: छत्तीसगढ़ के इस जिले में पीएम राहत योजना लागू, पीड़ितों को 1.50 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज…

PM RAHAT Scheme: सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर इलाज न मिलने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए बिलासपुर में बड़ा कदम उठाया गया है।

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प्रधानमंत्री राहत स्कीम (photo source- Patrika)

प्रधानमंत्री राहत स्कीम (photo source- Patrika)

PM RAHAT Scheme: सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर इलाज न मिलने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए बिलासपुर में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत अब हादसा पीड़ितों को 1.50 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया, ताकि ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को पुलिस लाइन में ‘पीएम राहत योजना’ के क्रियान्वयन और तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, थाना प्रभारियों और विवेचकों को योजना की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। इस दौरान अधिकारियों को टीएमएस 2.0, डीसीआरबी और अन्य ऑनलाइन पोर्टलों पर पीडि़तों की जानकारी दर्ज करने की तकनीकी जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार दुर्घटना के बाद त्वरित पंजीयन और सत्यापन से पीड़ितों को समय पर कैशलेस उपचार मिल सकता है। बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सड़क हादसे की स्थिति में घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं, ताकि उन्हें इस योजना का लाभ मिल सके और समय पर उपचार से उनकी जान बचाई जा सके।

पहला केस रतनपुर में दर्ज

पहला केस थाना रतनपुर क्षेत्र में दर्ज किया गया, जहां एक सड़क हादसे में घायल व्यक्ति का आरोग्य अस्पताल में पंजीकरण कर 24 घंटे के भीतर पूरी प्रक्रिया पूर्ण की गई।

172 अस्पतालों में व्यवस्था शुरू

जिले में आयुष्मान से जुड़े172 अस्पतालों में यह सुविधा शुरू हो चुकी है, जहां सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को बिना किसी आर्थिक बोझ के इलाज मिलेगा। योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज देकर जान बचाना है।

क्या है योजना की मुख्य बात?

इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना के पात्र पीड़ितों को हादसे के 7 दिनों के अंदर अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज दिया जाएगा। यानी मरीज या उसके परिवार को अस्पताल में पैसे जमा नहीं करने होंगे। अगर मामला गंभीर है और जान को खतरा है, तो 48 घंटे तक तुरंत इलाज (स्टेबिलाइजेशन) दिया जाएगा। सामान्य यानी कम गंभीर मामलों में 24 घंटे तक तत्काल इलाज की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा भारत की किसी भी सड़क पर हुए हादसे पर लागू होगी।