
PM उज्ज्वला योजना (photo-patrika)
PM Ujjwala Yojana: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर की अध्यक्षता में मंथन सभाकक्ष में गैस एजेंसी संचालकों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के विभिन्न गैस कंपनियों के 30 से अधिक एजेंसी प्रतिनिधि शामिल हुए। मालूम हो कि बिलासपुर जिले को इस योजना के तहत इस साल 13 हजार 761 हितग्राहियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य मिला है। उन्होंने शिविर लगाकर प्रकरण तैयार करने और हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए है। खाद्य नियंत्रक कुजूर ने बैठक में कहा कि शिविर लगाकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ ले सकें।
उन्होंने कहा कि वे पात्र हितग्राहियों के दस्तावेजों का सत्यापन पंचायतों के साथ समन्वय बनाकर वितरण की प्रक्रिया में लक्ष्य की प्राप्ति की जाए और वितरण कार्य में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य विभाग के अधिकारियों को आवेदन, फॉलोअप और पात्र हितग्राहियों को शीघ्रता से गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। आवेदन पत्र में दी गई जानकारी की जांच के बाद ही कनेक्शन प्रदान किया जाएगा।
खाद्य नियंत्रक ने कहा कि उज्ज्वला योजना के अंतर्गत वितरण की जानकारी ग्राम पंचायतों में सूचना पटल एवं स्थानीय माध्यमों से सार्वजनिक की जाएगी ताकि कोई पात्र परिवार योजना से वंचित न रह जाए। खाद्य नियंत्रक कुजूर ने बताया कि जिले में अब 2 लाख 94 हजार से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ दिया जा चुका है। बैठक में उज्जवला योजना के नोडल हेमप्रकाश साहू, एफओ अजय मौर्य, राजीव लोचन तिवारी, सविता शर्मा, विनिता दास, फूड इंस्पेक्टर आशीष दीवान, मंगेशकांत, ललीता शर्मा, वर्षा सिंह एवं वसुधा राजपूत उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.0 के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को नि:शुल्क गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत पात्रता के लिए नए मापदंड निर्धारित किए गए हैं। जिन परिवारों में कोई सदस्य प्रति माह 10 हजार रुपए से अधिक कमाता हो, व्यवसायिक कर या आयकर का भुगतान करता हो, घर का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो अथवा सरकार के पास पंजीकृत गैर-कृषि उद्यम हो, उन्हें योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। इसी तरह किसान क्रेडिट कार्ड की 50 हजार रुपए से अधिक क्रेडिट सीमा वाले किसान, सिंचाई उपकरण सहित 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि के स्वामी पात्र नहीं होंगे।
Updated on:
30 Oct 2025 11:38 am
Published on:
30 Oct 2025 11:38 am
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