
Patrika Raksha Kavach Abhiyaan: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पुलिस ने साइबर अपराधियों को फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले पी.ओ.एस. एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में किया गया। सायबर सेल, रेंज सायबर थाना बिलासपुर और थाना कोटा की संयुक्त टीम ने 5 पी.ओ.एस. एजेंटों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात ये है कि गिरफ्तार सभी आरोपी कोटा थाना क्षेत्र के हैं।
साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। इसके लिए विशेष जागरुकता अभियान चलाने के साथ ही ठगी के शिकार लोगों की रिपोर्ट के आधार पर धरपकड़ कार्रवाई भी की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट किए गए पी.ओ.एस. एजेंटों की गहन जांच के बाद धरपकड़ अभियान शुरू किया।
इसके लिए साइबर सेल द्वारा बैंक खातों (यूल अकाउंट) की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान यह पाया कि ये खाते साइबर ठगी से जुड़े हुए हैं। फर्जी सिम कार्ड के जरिए अपराधी आम लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इन एजेंटों को चिन्हांकित कर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया। इन आरोपियों के खिलाफ थाना कोटा में मामला दर्ज किया गया है।
इस कार्रवाई में ए.एस.पी. ग्रामीण अर्चना झा, ए.एस.पी. ग्रामीण/ए.सी.सी.यू. अनुज कुमार, एस.डी.ओ.पी. कोटा नूपुर उपाध्याय थाना प्रभारी कोटा सुमित कुमार, प्रभारी रेंज सायबर थाना बिलासपुर विजय चौधरी, प्रभारी ए.सी.सी.यू. बिलासपुर राजेश मिश्रा, उप निरीक्षक राज सिंह, सउनि अजय वारे, हेमन्त पाटले, प्रधान आरक्षक सैय्यद साजिद, विक्की ठाकुर, आरक्षक विरेंद्र गंधर्व, विकास राम, भोप सिंह साहू का विशेष योगदान रहा। एसपी ने ने इस टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्हें उचित इनाम देने की घोषणा की है।
गिरतार किए गए सभी आरोपी कोटा थाना क्षेत्र बिलासपुर के हैं। इनमें अंशु श्रीवास (19 वर्ष) निवासी ग्राम पथर्रा कोटा, फिरोज अंसारी (19 वर्ष) निवासी ग्राम फिरंगीपारा कोटा, मुकुल श्रीवास (21 वर्ष) निवासी फिरंगीपारा, कोटा, द्वारिका साहू (23 वर्ष) निवासी वार्ड नंबर 10, डाक बंगला पारा कोटा, एवं जय पालके (20 वर्ष) निवासी नवागांव कोटा शामिल हैं।
पुलिस ये मिली जानकारी के अनुसार गिरतार किए गए आरोपी आम नागरिकों की आई.डी. का दुरुपयोग कर फर्जी सिम कार्ड जारी करते थे और उन्हें साइबर ठगों को दिल्ली, अलवर (राजस्थान) व अन्य स्थानों पर बेचते थे। इन सिम कार्डों का उपयोग डिजिटल अरेस्ट, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, केवाईसी अपडेट जैसे साइबर अपराधों में किया जाता था।
इनका नेटवर्क इतना पुता था कि उन्हें पता होता था कि कौर साइबर फ्राड कर रहा है। इसी तरह साइबर ठगों को भी इनके बारे में जानकारी थी। तभी ये सिम इनसे आसानी से खरीदते थे। हैरान करने वाली बात ये है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी बिलासपुर जिले के ही हैं। इनकी निशानदेही पर ऐसे और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
Updated on:
04 Mar 2025 12:14 pm
Published on:
04 Mar 2025 12:11 pm
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