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मेडिकल स्टोरों की खोली पोल, शिकायत पर कार्रवाई करवाने पहुंचा तो कलक्टर ने भेज दिया जेल

जनदर्शन में गुहार लगाने पहुंचे आवेदक को कलेक्टर ने भेज दिया सेंट्रल जेल

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jandarshan lete calector

jandarshan me shikayat karne pahucha vaibhav shastri.

बिलासपुर . जिस आवेदक की शिकायत पर मेडिकल दुकानों में छापेमारी हुई, सोमवार को उसी युवक को कलेक्टर ने कार्रवाई करते हुए जेल भिजवा दिया।
दरअसल जब से युवक (वैभव शास्त्री) ने मेडिकल संस्थानों के खिलाफ मुहिम छेड़ी, दुकानों में बिना फार्मासिस्ट के दवाइयां बेचने की शिकायत की, उस पर आफत आ आई। उल्टे उसी के खिलाफ शिकायत होने लगी। यही समस्या लेकर वैभव शास्त्री सोमवार को कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचा था। उसने झूठे मामले फंसाने की शिकायत करते हुए अपने बचाव के लिए गुहार लगाई। अपना पक्ष रखा। इसके तत्काल बाद कलेक्टर ने उसे जेल भेजने का फरमान जारी कर दिया। मौके पर पहुंचे एएसपी नीरज चंद्राकर उसे सिविल लाइन थाने ले गए। फिर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उसे जेल भेज दिया गया। जनदर्शन में इस तरह किसी शिकायतकर्ता को जेल भेजने का संभवत: यह पहला मामला है। कलेक्टर के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस ने वैभव के खिलाफ धारा १५१, १०७, ११६ के तहत कार्रवाई की।
जमानत के लिए पट्टा लेकर भटकते रहे परिजन
वैभव की गिरफ्तारी की खबर मिलने पर परिजन जमानत के लिए पट्टे का इंतजाम करके सिविल लाइन पहुंचे। यहां पुलिस अफसरों से चर्चा के बाद वैभव को सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। धारा जमानतीय है, परिजनों ने जमानत के लिए आवेदन भी लगाया। लेकिन जमानत आवेदन को अस्वीकार करते हुए वैभव का जेल वारंट काट दिया गया।

पुलिस ने रच डाली झूठी कहानी
वैभव की गिरफ्तारी के सवाल पर एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर ने केवल इतना कहा कि आपको सब पता है। वहीं सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि वैभव थाने के सामने पब्लिक प्लेस में हंगामा और गाली गलौज कर रहा था, इसलिए उसे प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
कौन है वैभव शास्त्री
24 वर्षीय वैभव पिता रमेश चंद्र शास्त्री बैमा नगोई रोड खमतराई का निवासी है। उसने पिछले दिनों शहर के ज्यादातर मेडिकल स्टोर्स बिना फार्मासिस्ट के संचालित होने की शिकायत की। कहा, कि यह आमजन की जान का जोखिम साबित हो सकता है। तब कलेक्टर के निर्देश पर औषधि प्रशासन विभाग ने छापेमारी कर कुछ दवाई दुकानों को सील किया था। इसके बाद मेडिकल कारोबारी उसके खिलाफ एकजुट होने लगे, और वैभव की परेशानियां बढ़ती गई।