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ट्रेनिंग सेंटर के मैदान में भरा पानी, बना रहे बैरक भी, जेल प्रहरी कैसे होंगे ट्रेंड 

केन्द्रीय जेल बिलासपुर में प्रहरियों के लिए ट्रेनिंग सेंटर की जमीन पर बंदियों के लिए करोड़ों की लागत से बैरक का निर्माण प्रारंभ हो गया है।

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Kajal Kiran Kashyap

Aug 21, 2016

Prison management Ignoring in bilaspur

Prison management Ignoring in bilaspur

बिलासपुर. केन्द्रीय जेल बिलासपुर में प्रहरियों के लिए ट्रेनिंग सेंटर की जमीन पर बंदियों के लिए करोड़ों की लागत से बैरक का निर्माण प्रारंभ हो गया है। पिछले दो साल से चल रहे ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ। नए बैरक बनने से ट्रेनिंग सेंटर की एक चौथाई जमीन नए बैरको के निर्माण की भेंट चढ़ गई है।

जेल मुख्यालय ने केन्द्रीय जेल बिलासपुर के पीछे खाली पड़ी जमीन पर वर्ष 2013 में प्रहरियों के ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए 65 लाख रुपए स्वीकृत किए थे। जेल परिसर स्थित स्टॉफ क्वार्टर से निकासी नहीं होने के कारण खाली जमीन पर निकासी का पानी जमा होता था। ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण वर्ष 2014 में प्रारंभ किया गया, जिसमें दलदल हो चुकी जमीन पर पर निकासी पानी को बंद करने के बाद उसे सुखाने का काम शुरू किया गया था।

ट्रेनिंग सेंटर के लिए पीडब्ल्यूडी ने नौ कमरों का निर्माण जनवरी 2016 में पूरा किया। दलदल हो चुकी जमीन को पाटकर समतल करने के लिए वहां मिट्टी भी पटवाई गई। इधर जेल में लगातार बंदियों की संख्या बढऩे पर जेल प्रबंधन ने नए बैरको का प्रस्ताव जेल मुख्यालय भेजा था। जेल प्रबंधन ने सवा चार करोड़ रुपए निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत कर दिए। उक्त राशि पीडब्ल्यूडी को हैण्ड ओवर होते ही जेल मुख्यालय से अनुमति लेकर पीडब्ल्यूडी ने 5 बैरको का निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया। जिस स्थान पर बैरको का निर्माण किया जा रहा है। वह ट्रेनिंग सेंटर के मैदान का एक चौथाई भाग है। इधर ट्रेनिंग सेंटर के नाम पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सिर्फ 9 कमरो का मकान बनाकर खड़ा कर दिया है।

दूसरे ट्रेनिंग सेंटर में हुई ट्रेनिंग
वर्ष 2013 में जेल मुख्यालय ने प्रहरियों के रिक्त पदों पर भर्ती की थी, जिसमें बिलासपुर केन्द्रीय जेल में करीब 210 प्रहरियों की भर्ती की गई। प्रहरियों की ट्रेनिंग बिलासपुर सेन्ट्रल जेल के ट्रेनिंग सेंटर में होनी थी, लेकिन ट्रेनिंग सेंटर अधूरा होने के कारण् प्रहरियों को दुर्ग, अंबिकापुर, रायपुर और जगदलपुर में ट्रेनिंग के लिए भेजना पड़ा।

नए बैरक के बाद आधा हो जाएगा मैदान
ट्रेनिंग सेंटर की जमीन पर बैरक बनने के बाद 100 मीटर के क्षेत्र में बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। एेसे में ट्रेनिंग सेंटर का आधे से अधिक मैदान बैरक की भेंट चढ़ जाएगा।

बारिश से फिर भरा पानी
ट्रेनिंग सेंटर के लिए बनाए जाने वाले मैदान को सुखाने के बाद वहां मिट्टी डंप की गई थी, ताकि मैदान समतल हो सके। गर्मी के मौसम में धीमी गति से काम होने के कारण मैदान पूरी तरह समत नहीं हो सका। वहीं बारिश शुरू होते ही मैदान में फिर से पानी भर गया है।