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बंगाल की खाड़ी से चली समुद्री हवा, लोगों को हो रही यह परेशानी

बंगाल की खाड़ी से चल रही समुद्री हवा के कारण छत्तीसगढ़ में उमस का कहर जारी...

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बंगाल की खाड़ी से चली समुद्री हवा, लोगों को हो रही यह परेशानी

बिलासपुर . बंगाल की खाड़ी से चल रही समुद्री हवा के कारण राजस्थान से मणिपुर और मध्यप्रदेश समेत पूरे छत्तीसगढ़ में उमस का कहर जारी है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक राहत की किसी संभावना से इनकार करते हुए कहा, फिलहाल हवा की दिशा दक्षिण-पश्चिम होने के कारण ऐसी स्थिति बनी रहेगी। उमस से राहत की संभावना हवा की दिशा बदलने पर निर्भर है। जब हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम की ओर से चलेगी तो उमस से तो राहत मिल जाएगी, लेकिन जानलेवा लू से बचना मुश्किल होगा। हवा की दिशा के कारण मई का तापमान इस वर्ष 43 से 44 पर बना हुआ है। जबकि पिछले वर्ष मई में तापमान 46 से 47 डिग्री पर पहुंच गया था। इस वर्ष लू से मरने वालों की संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम है। सोमवार की सुबह से ही उमस ने लोगों को खासा परेशान कर दिया। हालत ये कि बिना पंखे, कूलर एसी के एक मिनट भी रहना मुश्किल। पंखे और कूलर तो बिल्कुल बेअसर हो गए हैं। आने वाले तीन से चार दिनों तक फिलहाल इससे राहत की कोई उम्मीद नहीं है। हालांकि रविवार से बादलों ने उमड़-घुमड़कर बरसने के संकेत तो दिए पर संभावना जगाने के बाद बिना बरसे ही बादल गुजर गए।

तापमान 43 डिग्री : कोई जोरदार वृद्धि नहीं हुई अधिकतम तापमान 42 से 43 और न्यूनतम 28 से 30 डिग्री के आसपास बना हुआ है। इन दिनों पूरे उत्तर-पूर्वी भारत में द्रोणिका का असर बना हुआ है। इसके प्रभाव से पश्चिमी छत्तीसगढ में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई है। अगले कुछ दिनों तक तेज अंधड के साथ जोरदार बारिश हो सकती है।

बारिश की संभावना : मौसम विभाग ने कहा है दक्षिण या दक्षिणी पश्चिम से चल रही हवा के कारण पूरे प्रदेश में जस्टिमेंट की स्थिति है। इन परिस्थितियों में तेज उमस रहती है। उमस के कारण तापमान नहीं बढ़ पा रहा है। हालांकि तापमान बढंने पर लू की स्थिति निर्मित होगी, जो और घातक होगी। इसका असर अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। इसके बाद उत्तर-पश्चिम से चलने वाली गर्म हवा के कराण असर से ना सिर्फ गर्मी बढेगी बल्कि लू चलेगी। इसके बाद मई के अंत और जून में का हवा का रुख दक्षिण से होने के बाद तेज गर्मी और इसके असर से अंधड़ के साथ बारिश होगी। अगले कुछ दिनों में उत्तर के साथ दक्षिण छत्तीसगढ बस्तर, दंतेवाड़ा, सरगुजा संभाग में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

अमृत सिद्धि योग में पुरुषोत्तमी एकादशी के संयोग में शुरू हो रहा नवतपा : नवतपा 25 मई से शुरू हो रहा है ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस बार अमृत सिद्धि योग में पुरुषाोत्तमी एकादशी के संयोग में पड़ रहा है। नवतपा में तापमान में वृद्धि होती जाएगी। हालांकि इससे पूर्व भी सूजर की किरणें लोगों को झुलसा रही हैं। इस बार नवतपा में गर्मी, आंधी-तूफान के साथ हल्की वर्षा के योग बन रहे हैं। अधिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष एकादशी शुक्रवार को दोपहर 2 बजकर 40 मिनट में वृषभ राशि रोहिणी नक्षत्र में सूर्य प्रवेश होगा, जो 2 जून अधिक आषाढ़ कृष्ण पक्ष द्वितीया तक रहेगा। संत जलाराम मंदिर के पुजारी पंडित ब्रह्मदत्त मिश्रा ने बताया, इस समय की ग्रह स्थिति में रोहिणी नक्षत्र में सूर्य हस्त नक्षत्र में चंद्र, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में मंगल, भरणी नक्षत्र में बुध, दिसाखा में गुरु, आद्र्रा में शुक्र, पूर्वाषाढ़ा में शनि , पुष्ण नक्षत्र में राहु एवं श्रवण नक्षत्र में केतु स्थित है। कन्या लग्न में केतु है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, प्राकृतिक प्रकोपों का अध्ययन गोचर ग्रह स्थिति पर निर्भर रहता है। इस ग्रह स्थित के अनुसार नवतपा समयावधि में आंधी-तूफान एवं भीषण गर्मी के योग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्य एवं वास्तुविद डॉ. उद्धव श्याम केसरी ने बताया कि नवतपा में अमृतसिद्धि योग एवं हस्त नक्षत्र में पड़ेगा। वैसे तो नवपता में भीषण गर्मी होती ही है लेकिन इस बार अमृत सिद्धि योग लोगों को भीषण गर्मी सहन करने की ताकत देगा।

मौसम चक्र होगा प्रभावित : तापमान में वृद्धि से उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गुजरात, बिहार, उड़ीसा में हानि के योग बन रहे है। सूर्य बुध के षडाष्टक योग से पेयजल संकट, कृषि योग्य जल संसाधन के लिए सरकार को विषम परिस्थिति का सामना करना पड़ सकता है। पंडित ब्रह्मदत्त मिश्रा ने बताया कि वर्षा ऋतु में जलचर राशियों की ग्रह स्थिति अनुकूल न होने से अधिकांश प्रांतों में अकाल की स्थित उत्पन्न एवं कहीं बाढ़ आदि प्राकृतिक प्रकोपों से हानि के योग हैं। संवत् राजा सूर्य के प्रभाव से भी कई क्षेत्रों में वर्षा बाधित होगी। राहु मंगल के प्रभाव से औद्योगिक क्षेत्रों एवं जंगलों में अग्निकांड से हानि के योग है। 25 से 28 मई एवं 31 को महाराष्ट्र, उड़ीसा, शिलांग, दिल्ली, जम्मू-काश्मीर, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में तेज हवा के साथ बारिश के योग हैं।

पुरुषोत्तमी एकादशी भी इसी दिन : ज्योतिषाचार्य केसरी ने बताया कि इसी दिन पुरुषोत्तमी एकादशी भी है भक्त भगवान श्रीविष्णु की आराधना करेंगे। पवित्र नदियों में स्नान करते हुए दान की विधि भी करेंगे। पुरुषोत्तमी एकादशी का पुण्य अन्य सभी एकादशी से अनंत गुणा अधिक होता है, क्योंकि यह पुरुषोत्तम मास में आती है।