7 वर्ष पूर्व सन 2016 में जेल मुख्यालय की ओर से बिलासपुर में प्रदेश की पहली विशेष जेल बनाने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा था। राज्य शासन ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए जिला प्रशासन को जेल निर्माण के लिए भूमि जेल विभाग को उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। जिला प्रशासन की ओर से ग्राम पंचायत बैमा में 100 एकड़ शासकीय भूमि में से 50 एकड़ भूमि जेल निर्माण के लिए एलॉट की दी गई थी। जेल निर्माण के लिए राज्य शासन ने सितंबर 2021 में 1 करोड़ 24 लाख 50 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी थी। स्वीकृति मिलने पर पीडब्ल्यूडी विभाग ने टेंडर जारी किया और शहर के एक ठेकेदार को इसके निर्माण के लिए वर्क आर्डर जारी किया गया। टेंडर में ठेकेदार द्वारा प्रस्तुत किए गए पीडब्ल्यूडी चीफ इंजीनियर कार्यालय से जारी कार्य अनुभव प्रमाण पत्र पर आपत्ती की गई। दूसरे ठेकेदारों ने इसकी शिकायत पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों से करते हुए कहा कि प्रस्तुत किया कार्य अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी है। जांच में अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर अधिकारियों ने टेंडर निरस्त कर दिया गया।
यहां से हुआ मामला विवादित
टेंडर निरस्त करने के बाद अधिकारियों ने टेंडर लेने वाले ठेकेदार का पंजीयन निरस्त कर दिया। इतना ही नहीं अधिकारियों ने निर्माण के लिए दूसरा टेंडर भी जारी कर दिया। पहले ठेकेदार ने अनुबंध शर्तों का हवाला देते हुए बिना नियम के पंजीयन निरस्त करने और दूसरा टेंडर जारी करने के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद कोर्ट ने निर्माण पर स्टे जारी किया। वहीं अधिकारियों ने दूसरी बार जारी टेंडर को भी निरस्त कर दिया।
अतिक्रमण करने वालों की मौज
बैमा में जेल के लिए स्वीकृत जमीन पर कई लोगों का कब्जा है। राजस्व अधिकारियों ने कब्जा करने वालों को दूसरी जगह एलॉट करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस बीच कोर्ट से निर्माण पर रोक आदेश जारी हो गया। अब यहां कब्जा करने वालों को हटाने का काम पिछले डेढ़ वर्ष से बंद है। इससे कब्जा करने वालों को तब तक नहीं हटाया जा सकता जब तक कोर्ट से अंतिम फैसला नहीं आ जाता ।
चौकीदार रखकर सामान की रखवाली
ठेकेदार ने निर्माण के लिए मजदूरों के लिए कमरों का निर्माण कराने के साथ बोर का उत्खन्न भी कराया था। इसके साथ ही निर्माण कार्य के लिए मशीन और अन्य सामग्रियां भी मौके पर डंप की है। अब कोर्ट में मामला लंबित होने पर इन सामानों की रखवाली के लिए पहले ठेकेदार ने यहां चौकीदार नियुक्त कर दिया है।
कोर्ट में हमारी ओर से जवाब प्रस्तुत कर दिया गया है। ठेकेदार ने फर्जी कार्य अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था, इसलिए नियम के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। कोर्ट का फैसला आने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा।
वीएस कोरम
सीई पीडब्ल्यूडी , बिलासपुर संभाग