
Prisoner Death in Bilaspur central Jail: सेंट्रल जेल बिलासपुर में बंद 22 वर्षीय युवक कन्हैया सोनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मस्तूरी निवासी कन्हैया करीब दो माह पूर्व मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
परिजनों ने इसके लिए जेल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि दो दिन पहले ही वे कन्हैया से मिलने गए थे तब वह स्वस्थ था। जेल प्रशासन के अनुसार, कन्हैया को सोमवार रात सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई थी, जिसके बाद तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मृत्यु हो गई।
शव को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स भेजा गया अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि सेंट्रल जेल में 2,290 कैदियों की क्षमता है, लेकिन वर्तमान में 2,870 से अधिक कैदी हैं। इसका सबसे बड़ा असर कैदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर पड़ रहा है। एक-एक बैरक में 70 से 80 कैदियों को रखने से भीषण उमस और गर्मी से कैदी परेशान हैं। सांस लेने में दिक्कत, डिहाइड्रेशन, स्किन इंफेक्शन और अन्य मौसमी बीमारियों के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, कई कैदियों की हालत गंभीर हो चुकी है। जेल में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद सीमित हैं। इतने अधिक कैदियों के लिए न पर्याप्त डॉक्टर हैं, न ही जरूरी दवाइयां या उपकरण। स्वास्थ्य परीक्षण और नियमित चेकअप की व्यवस्था नहीं है। बीमार कैदियों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा, जिससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है।
Published on:
20 May 2025 12:27 pm
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