सफाई व्यवस्था पर नगर निगम करोड़ों रुपए हर महीने खर्च कर रहा है। पुराने नगर निगम सीमा क्षेत्र में निगम ने रामकी कंपनी को डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का ठेका दिया है। ठेका कंपनी को 1 टन कचरा उठाने का 2015 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। दूसरी ओर सड़क की सफाई के लिए पुराने सीमा क्षेत्र में लायन सर्विसेज को दिया गया है। वहीं नालियों की सफाई का काम भी अलग-अलग जोन में सफाई ठेकेदारों को दिया गया है।सड़क को धूलमुक्त रखने के लिए स्वीपिंग मशीन से सफाई का काम और धूल उड़ने से बचाने के लिए पानी के छीड़काव का काम भी ठेके पर दे रखा है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के लिए टीम के शहर आने का समय निर्धारित नहीं है, लेकिन टीम के कभी भी शहर पहुंचने और सर्वेक्षण करने के लिए पहुंच सकती है। ऐसे में निगम अधिकारियों ने सफाई पर विशेष जोर देते हुए कर्मचारियों और ठेका कंपनी को सफाई नियमित रूप से करने के निर्देश दिए हैं।
नुक्कड़ में रखे डस्ट बिन भी साफ रखे जा रहे
नगर निगम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरूस्त रखने के लिए नुक्कड़ों में बड़े-बड़े डस्ट बिन रखवाए हैं। यहां लोग अपने घरों और दुकानों का कचरा इसी डस्ट बिन में डालते हैं। इस कचरे को उठाने का काम रामकी कंपनी करती है। नुक्कड़ के डस्ट बिन भी साफ सुथरे और आसपास गंदगी कम रखी जा रही है।
रविवार को भी सफाई
टीम के सर्वेक्षण के मद्देनजर ठेका कंपनी ने सप्ताह में एक दिन सफाई कर्मचारियों काे दी जाने वाले छुट्टियों में भी कटौती करते हुए अल्टरनेट ड्यूटी लगाकर सफाई कराने की व्यवस्था की है। यही कारण है कि सड़क पर प्रतिदिन झाडू लगने से शहर साफ सुथरा दिखने लगा है।
बीते वर्ष रैंकिंग में फिसला, इसलिए कर रहे मेहनत
बीते वर्ष स्वच्छता रैंकिंग में नगर निगम फिसलकर 11 वें पायदान पर आ गया था। फिर से स्वच्छता रैंकिंग हासिल करने के लिए अधिकारियों ने कमर कस ली है। अधिकारी कर्मचारियों से मेहनत करा रहे हैं और रात में स्वीपिंग मशीन से धूल की सफाई और धूल न उड़े इसलिए पानी का छीड़काव भी करा रहे हैं।