सूदखोरों ने 6 लाख के बदले में 50 लाख लिए और घर हड़पने का बनाने लगे दबाव, बेबस शिक्षक ने लगाई फांसी

जिसमें उन्होंने सूदखोरों की प्रताड़ना का जिक्र करते हुए लिखा है कि उसके हिस्से का खेत बेचकर कर्जदारों को पैसा चुका दें साथ ही उन्होंने अपनी अनुकम्पा नौकरी भी अपने पत्नी को देने की बात कही है। उन्होंने अपने शरीर को रिम्स में दान करने और उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों को कड़ी सजा देने की बात भी अपने सुसाइड नोट में लिखी है।

बिलासपुर. प्रदेशभर में सूदखोरी का अवैध धंधा जमकर फल-फूल रहा है और लोग इनके जाल में फंसकर अपना सब कुछ गवाने को मजबूर हैं। सूदखोरी के एक ऐसे ही एक मामले में एक शिक्षक ने पहले अपनी सारी जमा पूंजी गवायी और जब उसके बाद भी वह सूदखोरों के जाल से नहीं निकल सका तो फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली।

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जानकारी के अनुसार, सकरी थाना क्षेत्र के उसलापुर इलाके के शिक्षक कॉलोनी के रहने वाले मुकद्दर सिंह (उम्र- 38 ) शासकीय स्कूल सकरी में शिक्षक थे। उन्होंने सूद पर 6 लाख रुपये लिए थे। जिसके बदले में वो सुखोरों को 50 लाख रुपये दे चुके हैं लेकिन इसके बाद भी सूदखोरों के हिसाब से कर्ज चुकता नहीं हुआ है इसीलिए सूदखोरन ने उनका घर अपने नाम करने को कहा।

शिक्षक मुकद्दर सिंह अपना घर सूदखोरों के हवाले नहीं करना चाहते थे इसलिए जब उन्हें कोई और उपाय नहीं सुझा तो गुरूवार को सुबह अपने नित्य कर्म के बाद लगभग 11 बजे वो छत पर चले गए। जब वो निचे नहीं आये तो कुछ देर बाद उनकी पत्नी अंजुला छत पर गयी तो छत पर बने एक कमरे में उनकी लाश लटक रही थी। पत्नी के शोर मचाने के बाद उसके परिजन और पडोसी छत पर पहुचें और उन्हें नीचे उतारा ।

उनके शव के पास ही एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उन्होंने सूदखोरों की प्रताड़ना का जिक्र करते हुए लिखा है कि उसके हिस्से का खेत बेचकर कर्जदारों को पैसा चुका दें साथ ही उन्होंने अपनी अनुकम्पा नौकरी भी अपने पत्नी को देने की बात कही है। उन्होंने अपने शरीर को रिम्स में दान करने और उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों को कड़ी सजा देने की बात भी अपने सुसाइड नोट में लिखी है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में चुप्पी साथ रखी है।

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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