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नहीं हो पा रही गिरफ्तारी, भाजपा नेता का पुत्र और पुलिस अफसरों का बेहद करीबी है कोल डिपो संचालक

नहीं हो पा रही गिरफ्तारी, धारा 41 (1/4) के तहत अपराध दर्ज करके उलझी पुलिस...

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nagar nigam bilaspur

बिलासपुर . पुलिस ने रतनपुर थाना क्षेत्र के 3 कोल डिपो में 20 दिसंबर को छापेमारी कर 24 ट्रेलर, 6 जेसीबी व 800 टन कोयला जब्त किया था। साथ ही 17 ट्रेलर चालकों को गिरफ्तार किया था। लेकिन अब कोल डिपो संचालक की गिरफ्तारी इसलिए नहीं हो पा रही, कि वह भाजपा नेता का बेटा और पुलिस अधिकारियों का करीबी है। डिपो संचालकों और प्लाट मालिकों को बचने का मौका देने के लिए पुलिस ने नोटिस भेजने का खेल शुरू कर दिया है। 20 दिसंबर की रात एएसपी अर्चना झा और कोतवाली सीएसपी शलभ सिन्हा ने विशेष टीम के साथ रतनपुर थानांतर्गत ग्राम मोहतराई, बगदेवा अंधियारीपारा और पेंडरवा कोल डिपो पर छापेमारी की थी। 17 ट्रेलर चालकों को धारा 41 (1-4) के तहत गिरफ्तार किया था।

24 ट्रेलर, 6 जेसीबी, 800 टन कोयला जब्त कर 17 ट्रेलर चालकों को किया था गिरफ्तार, कोल डिपो संचालकों को 8 दिन बाद भी नहीं पकड़ सकी पुलिस

इनके हैं कोल डिपो मोहतराई कोल डिपो- भाजपा नेता बंधु मौर्य के बेटे रमाकांत मौर्य को खनिज विभाग ने ग्राम मोहतराई के खसरा नंबर 789,790 (रकबा 0.74 एकड़ भूमि) पर 2016 से 2026 तक खनिज के भण्डार की अनुमति दी है। भाजपा नेता के बेटे का प्लाट होने के कारण रमाकांत को पकडऩे से पुलिस के हाथ कांप रहे हैं।


मैसर्स जगदम्बे कोल ट्रेडिंग कंपनी पेंडरवा- मैसर्स जगदम्बे कोल ट्रेडिंग कंपनी पेण्डरवा चकरभाठा निवासी ठाकुरदास कोटवानी पिता टलहराम कोटवानी का है। ठाकुरदास को खनिज विभाग ने पेंडरवा में खसरा नंबर 374 (रकबा 0.308 हेक्टेयर जमीन) पर कोयले का भण्डार करने 29 सितंबर 2016 से 28 फरवरी 2026 तक की अनुमति दी है। ठाकुरदरस भी भाजपा से जुड़े और रायपुर पीएचक्यू में पदस्थ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के करीबी हैं। इसलिए गिरफ्तार करने में पुलिस कतरा रही है।


फिन मिनरल्सबेनिफिकेशन एण्ड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड बेलतरा- यह साईं प्लाजा लिंक रोड निवासी प्रदीप झा का कोल डिपो है। प्रदीप भाजपा से जुड़े हैं, और पुलिस अधिकारियों के करीबी हैं। खनिज विभाग से उन्हें बेलतरा में खसरा नंबर 533, 534, 535, 545, 562/1, 562/2 और 563 (रकबा 0.822 हेक्टेयर जमीन) पर कोयला भण्डारण करने वर्ष 2016 से 2026 तक की अनुमति दी गई है।

धारा 41 (1-4) की कार्रवाई में गिरफ्तारी जरूरी: पुलिस ने यदि धारा 41 (1-4) के तहत अपराध दर्ज किया है, तो उसे नियमत: इसी धारा के तहत कोल डिपो संचालक की गिरफ्तारी करनी होगी। यदि पुलिस ने धारा 102 के तहत कोयला और वाहन जब्त किया होता तो नोटिस, दस्तावेज और पूछताछ और हिसाब-किताब हो सकता था। शायद पुलिस को अब ये गलती समझ में आ रही है।
इसलिए किसी तरह नोटिस का खेल खेलकर मामला टरकाने की कोशिश की जा रही है।कोल डिपो संचालक और प्लाट मालिक कौन हैं, इसकी जानकारी नहीं है। खनिज विभाग से मिली जानकारी के बाद कुछ लोगों को नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस कोल डिपो संचालकों को मिला, या नहीं इसकी जानकारी नहीं है।
केपीएस पैकरा, थाना प्रभारी रतनपुर