बिलासपुर. सारागांव चांपा रेलवे ट्रैक पर दोपहर 2 बजे के आपपास एक मालगाड़ी के कुछ डिब्बे एक के बाद उतरते चले गए। हैरानी तो लोगो को तब हुई जब लोको पायलट डी रेल होने के बाद भी मालगाड़ी को 1 किलो मीटर तक चलाता चला गया। आधे से ज्यादा डिब्बे डी रेल हो गए। अधिकारी अब जांच का हवाला दे रहे है।
सारागांव से चांपा के बीच चल रही खाली माल गाड़ी के पहिए दोपहर दो बजे के आसपास सारागांव के पास से रेलवे ट्रेक से उतरने शुरू हुए। लोको पायलट किलो मीटर क्रमांक 657/21 से 663/21 के बीच घटना हुई। मालगाड़ी ट्रेक से उतरने की सूचना लगते ही रेलवे अधिकारियों के बीच हड़कम्प मच गया। बिलासपुर से इंजीनियरिंग व बचाव दल रवाना होकर मौके पर पहुंचा और शाम 7.20 मिनट पर काफी प्रयास के बाद ट्रेन को पटरी पर लाया। ट्रैक मरम्त के बाद ट्रेन को रवाना किया गया। घटना शनिवार दोपहर 2 बजे मेन अप लाइन की है। घटना के बाद भी ट्रेन लगभग 1 किलो मीटर तक चलती रही, यह तकनीकी खराबी के चलते हुआ या किसी की गलती की वजह से रेलवे अधिकारी अब जांच का हवाला दे रहे है।

तीन लाइन होने की वजह से नहीं फंसी सवारी गाड़ी
सारागांव व चांपा के बीच जिस जगह पर ट्रेक से मालगाड़ी उतरी वहां दो अन्य लाइन भी थी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने सारी ट्रेनो को दूसरी लाइन पर डायवट कर दिया। इसकी वजह न तो कोई दुर्घटना हुई और न ही कोई ट्रेन प्रभावित हुई है।
चांपा मार्ग पर ट्रेन डी रेल होने की जानकारी मिलते ही मंडल का दल मौके पर पहुंच गया था। स्लीपर को ज्यादा हानी नहीं हुई है। ट्रेन डी रेल होने के बाद भी 1 किलो मीटर तक कैसे चलती रही, इसकी जांच की जा रही है।
विकास कुमार, सीनियर डीसीएम बिलासपुर मंडल