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World Autism Awareness Day: सही मार्गदर्शन और धैर्य से निखरती हैं ऑटिज़्म बच्चों की प्रतिभाएं, एक्सपर्ट ने कही ये बात

World Autism Awareness Day 2026: वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे के अवसर पर यह समझना बेहद जरूरी है कि ऑटिज़्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक ऐसी न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसे सही मार्गदर्शन, धैर्य और समय पर पहचान के जरिए बेहतर ढंग से संभाला जा सकता है।

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वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे (फोटो सोर्स- photo- Freepik)

वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे (फोटो सोर्स- photo- Freepik)

World Autism Awareness Day: वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे के अवसर पर बिलासपुर में ऑटिज्म से जुड़े बच्चों के विकास, शिक्षा और समाज की भूमिका को लेकर पीडियाट्रिक रिहैबिलिटेशन एवं स्पीच थैरेपिस्ट ध्रुव वाजा से विशेष बातचीत की गई। आठ वर्षों के अनुभव के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑटिज़्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसे सही समय पर समझकर और स्वीकार कर बच्चों की क्षमताओं को निखारा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को विशेष नहीं, बल्कि "अलग तरीके से समझने" की जरूरत है। पेश उनसे बातचीत के प्रमुख अंश…

Q. समाज में फैली भ्रांतियों पर आपका संदेश?
A.
ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है। समय पर पहचान और स्वीकृति से बच्चे सामान्य विकास की ओर बढ़ सकते हैं।

Q. ऑटिज़्म से जुड़े बच्चों की सीखने की शैली कैसे अलग होती है?
A.
ऐसे बच्चों का विजुअल परसेप्शन बहुत अच्छा होता है। वे देखकर और संकेतों से बेहतर सीखते हैं, जबकि सामान्य बच्चे सुनकर अधिक सीखते हैं।

Q. सबसे बड़ी चुनौती क्या होती है?
A.
सबसे बड़ी चुनौती धैर्य बनाए रखना है। बच्चों के हाव-भाव को समझना पड़ता है। सेंसेसरी इश्यूज (संवेदी मुद्दे) के कारण शोर, भूख-प्यास जैसी बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है।

Q. कौन-सी शिक्षण तकनीक अपनाते हैं?
A.
चित्रों, नकल और पैटर्न के माध्यम से सिखाया जाता है। भाषा और व्यवहार दोनों पर समान ध्यान दिया जाता है।

Q. शिक्षक की भूमिका कितनी अहम है?
A.
शिक्षक केवल शब्द नहीं सिखाते, बल्कि बातचीत की क्षमता विकसित करते हैं, एक शब्द से दो शब्द जोडक़र संवाद सिखाना महत्वपूर्ण है।

Q. माता-पिता की भूमिका कितनी जरूरी है?
A.
विकास में 50त्न योगदान माता-पिता का होता है। घर पर अभ्यास, दोहराव और सकारात्मक अनुशासन बेहद जरूरी है।

Q. ये बच्चे किन क्षेत्रों में बेहतर कर सकते हैं?
A.
ग्राफिक्स, संगीत, तकनीकी क्षेत्र और खेलों में ये बच्चे विशेष क्षमताओं से बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। - ध्रुव वाजा, पीडियाट्रिक रिहैबिलिटेशन एवं स्पीच थैरेपिस्ट, एसकैटस सेंटर

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