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इम्युनिटी बढ़ाती है लीची, गर्मी में इसका सेवन सेहत के लिए फायदेमंद

इसमें पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और आयरन जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं। लीची स्वादिष्ट फल होने के साथ ही शरीर में ऊर्जा के लिए आवश्यक स्टेरॉयड हार्मोन और हीमोग्लोबिन का निर्माण करने का काम करती है।
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जयपुर

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Vikas Gupta

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Updated: 4 Jun 2020, 11:21 PM IST

इम्युनिटी बढ़ाती है लीची, गर्मी में इसका सेवन सेहत के लिए फायदेमंद

Litchi increases immunity

लीची गर्मियों के सीजन में आने वाला एक प्रमुख फल है। ये सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। लीची में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी, विटामिन ए और बी कॉम्प्लेक्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और आयरन जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं। लीची स्वादिष्ट फल होने के साथ ही शरीर में ऊर्जा के लिए आवश्यक स्टेरॉयड हार्मोन और हीमोग्लोबिन का निर्माण करने का काम करती है।

इम्युनिटी बढ़ाती है-
विटामिन-सी की प्रचुरता के कारण यह प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स का स्त्रोत है। ऐसे में यह तत्त्व रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर संक्रमण से बचाता है। साथ ही बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करता है। इस कारण स्किन चमकदार रहती है। अस्‍थमा से बचाव के लिए भी लीची का इस्तेमाल किया जाता है।

न्यूट्रीशन इंडेक्स
100 ग्राम लीची में 72मिलीग्राम विटामिन-सी होता है। साथ ही इसमें 66 कैलौरी ऊर्जा, 5मिग्रा कैल्शियम, 10 मिग्रा मैग्नीशियम आदि विभिन्न तत्त्व होते हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट, विटामिन-ए, सी व बी कॉम्प्लेक्स, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, लौह जैसे खनिज लवण भी होते हैं। इसमें सैचुरेटेड फैट व सोडियम की मात्रा बेहद कम होती है।

कितनी मात्रा खाएं-
ऊर्जा का सबसे बेहतर स्त्रोत है लीची। रोजाना 4-5 लीची खाई जा सकती है।

बेस्ट टाइम-
गर्मियों में लीची शरीर में तरावट बनाए रखती हैं। घर से बाहर कहीं निकल रहे हैं तो बीच-बीच में लीची खा सकते हैं। शाम को या भोजन के बाद खा सकते हैं।

ये लोग न करे सेवन -
डायबिटीज के मरीजों को इसकी कम ही मात्रा खानी चाहिए क्योंकि इसमें शुगर का स्तर ज्यादा होता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।