महानायक अमिताभ बच्चन की कविता में जंजीरों में कैद दिखा भारत,बंदिशों को कहा ‘जीवनदायिनी’

Shweta Dhobhal
| Updated: 26 Mar 2020, 11:08 AM IST
महानायक अमिताभ बच्चन की कविता में जंजीरों में कैद दिखा भारत,बंदिशों को कहा ‘जीवनदायिनी’
लॉकडाउन पर अमिताभ बच्चन ने लिखी कविता

  • कोरोनावायरस के पर महानायक अमिताभ बच्चन ( Amitabh Bachchan ) ने लिखी कविता
  • कविता में भारत कोरोनावायरस की जंजीरों में बंधा आया नज़र
  • सरकार के लॉकडाउन के आदेश को मानने का किया निवेदन

नई दिल्ली। बॉलीवुड की तमाम हस्तियां लॉकडाउन के बीच जनता को जागरूक करने में जुटी है। सभी सरकार की इस नीति को सफल बनाने के लिए लोगों से हाथ जोड़ कर अपील कर रहे हैं कि वो घरों में ही रहें और अपनी सुरक्षा करें। कोरोनावायरस ( Coronavirus ) के चलते बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ( Amitabh Bachchan ) सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव हो गए हैं। अमिताभ बच्चन ने कुछ समय पहले एक कविता लिखी है। इस कविता में उन्होंने लोगों को एक संदेश दिया है।

इस कविता में बिग बी ने लिखा है-‘हाथ जोड़ते विनम्रता से आज हम, सुने आदेश प्रधान का सदा तुम और हम। ये बंदिश जो लगी है, जीवनदायी बनेगी, 21 दिनों का संकल्प निश्चित कोरोना दफनाएगी- अमिताभ बच्चन।‘ इस कविता संग अमिताभ ने कुछ तस्वीर पोस्ट की जो आज के भारत की हैं। भारत जो कि कोरोनावायरस की जंजीरों में जकड़ा हुआ है। इन जंजीरों में फंसे कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। जंजीरों में लगे ताले से तो हम समझ ही सकते हैं कि कैसे लॉकडाउन के चलते सभी घरों में कैद हो गए हैं। अमिताभ भी भारत माता के समक्ष अपने सिर को झुकाए खड़े हैं। भारत की ऐसी हालत देख सभी की आंखे नम हैं।

बता दें कोरोनावायरस और लॉकडाउन के चलते समय-समय पर सोशल मीडिया पर वो जनता को जागरूक करने के लिए कोई ना कोई संदेश पोस्ट करते ही रहते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर सरकार को खाली पड़ी ट्रेनों को इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था। उनका ये पोस्ट काफी वायरल हो रहा है।

coronavirus