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13 की उम्र में 43 साल के डांसर से सरोज खान ने की थी शादी, 14 में मां बनकर अकेले की बच्चों की परवरिश

सरोज खान (Saroj Khan) 72 साल की हो चुकी हैं 13 की उम्र में की थी 43 साल के मास्टर से शादी सरोज खान ने बच्चों की परवरिश अकेले की

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Nov 22, 2019
Saroj Khan

नई दिल्ली | कोरियोग्राफर सरोज खान (Saroj Khan) 72 साल की हो चुकी हैं लेकिन उनके डांस मूव्स इंडस्ट्री के आइकोनिक स्टेप्स में से एक हैं। अपनी पूरी लाइफ में सरोज खान ने अब तक 2000 से ज्यादा गानों को कोरियोग्राफ किया है। श्रीदेवी (Sridevi) से लेकर माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) तक सभी सरोज खान के डांस स्टेप्स के द्वारा ही लोगों के दिलोें में अपनी छाप छोड़ चुकी हैं। लेकिन सरोज खान ने सिर्फ 90 के दशक में ही नहीं बल्कि उससे भी काफी साल पहले अपने करियर की शुरुआत की थी। 50 के दशक में सरोज ने बतौर बैकग्राउंड डांसर काम करना शुरू कर दिया था।

दरअसल, सरोज खान (Saroj Khan) का असली नाम निर्मला नागपाल है। उनके पिता का नाम किशनचंद सद्धू सिंह और मां का नाम नोनी सद्धू सिंह है। भारत के पार्टिशन के दौरान सरोज खान की फैमली पाकिस्तान से इंडिया आ गई थी। सरोज खान तब काफी छोटी थी जब उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। महज 3 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म नजराना में श्यामा नाम की बच्ची का रोल प्ले किया था।

सरोज खान (Saroj Khan) ने कोरियोग्राफर बी.सोहनलाल (B. Sohanlal) से ट्रेनिंग ली थी। इसी दौरान उनके बीच प्यार हुआ था और सिर्फ 13 साल की उम्र में उन्होंने 43 साल के बी. सोहनलाल से शादी कर ली थी। सरोज ने इसके साथ ही इस्लाम धर्म भी कबूल किया था। सरोज और मास्टर बी. सोहनलाल की उम्र में 30 साल का फासला था। हालांकि सोहनलाल की सरोज खान से दूसरी शादी थी। इस शादी से उनके चार बच्चे थे। सरोज खान ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि 'मैं उन दिनों स्कूल में पढ़ती थी तभी एक दिन मेरे डांस मास्टर सोहनलाल ने गले में काला धागा बांध दिया था और मेरे शादी हो गई थी।' उन्होंने ये भी कहा था- मैंने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म ग्रहण किया था। उस वक्त मुझसे कई लोगों ने पूछा कि मुझ पर कोई दबाव तो नहीं है लेकिन ऐसा नहीं था। मुझे इस्लाम धर्म से प्रेरणा मिलती है।

सरोज खान (Saroj Khan) ने ये भी बताया था कि जब उनकी शादी हुई तो उन्हें नहीं पता था कि बी.सोहनलाल पहले से शादीशुदा हैं। इस बात की जानकारी उन्हें 1963 में बेटे राजू खान के जन्म के दौरान हुई। उनके दूसरे बच्चे के मौत 8 महीने बाद ही हो गई थी। सोहनलाल ने सरोज के दोनों बच्चों को नाम देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद दोनों में दूरियां आ गई। लेकिन जब कुछ सालों बाद सोहनलाल को हार्ट अटैक आया तब सरोज फिर उनके पास आईं। इस दौरान उन्होंने बेटी कुकु को जन्म दिया। सरोज ने अपने बच्चों की परवरिश अकेले ही की। सरोज खान को फिल्म नगीना, मिस्टर इंडिया और चांदनी जैसी फिल्मों से कोरियोग्राफर के तौर पर पहचान मिली।

Updated on:
18 Dec 2019 10:33 pm
Published on:
22 Nov 2019 03:26 pm
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