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मौत से पहले जरीन खान ने अपने डर का किया था खुलासा, बेटी फराह ने बताई मां की आखिरी इच्छा

Zarine Khan Hindu Cremation: संजय खान की पत्नी जरीन खान के अंतिम संस्कार को लेकर अब फराह खान ने सच बताया है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
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Zarine Khan

Zarine Khan (सोर्स- IMDb)

Zarine Khan Hindu Cremation: बॉलीवुड अभिनेतासंजय खान की बेटी और जानी-मानी ज्वेलरी डिजाइनर फराह खान अली ने हाल ही में अपनी मां जरीन खान के निधन के बाद हुए एक ऐसे अनुभव को शेयर किया, जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। फराह ने बताया कि उनकी मां की आखिरी इच्छा का सम्मान करते हुए परिवार ने उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों से किया, लेकिन इस फैसले के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

मां की आखिरी इच्छा का रखा सम्मान

फराह खान अली ने विक्की ललवानी के साथ एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी मां जरीन खान का जन्म पारसी परिवार में हुआ था, जबकि शादी के बाद वो मुस्लिम परिवार का हिस्सा बनीं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा के तौर पर दाह संस्कार करने की बात कही थी। उनकी इच्छा थी कि अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियां कश्मीर की बहती नदी में प्रवाहित की जाएं।

फराह ने बताया कि उनकी मां को कब्र में दफनाए जाने का डर था। इसी वजह से उन्होंने जीवन रहते ही अपने अंतिम संस्कार को लेकर परिवार के सामने अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी। परिवार ने भी उनकी आखिरी इच्छा का सम्मान करते हुए वही किया जो वह चाहती थीं।

अंतिम संस्कार के बाद शुरू हो गई आलोचना

फराह ने कहा कि मां के निधन के दुख से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि एक मुस्लिम महिला का हिंदू रीति से अंतिम संस्कार कैसे किया जा सकता है, जबकि दूसरी ओर कुछ लोगों ने हिंदू परंपरा अपनाने पर भी आपत्ति जताई।

उनके मुताबिक सबसे ज्यादा दुख इस बात का हुआ कि एक इंसान की आखिरी इच्छा और परिवार के दर्द को समझने की बजाय लोग धर्म के आधार पर बहस करने लगे। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियों ने पूरे परिवार को भावनात्मक रूप से काफी आहत किया।

'हमें सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाया गया'

फराह ने बताया कि उनका पालन-पोषण ऐसे माहौल में हुआ, जहां हर धर्म और हर त्योहार का समान सम्मान किया जाता था। इसलिए उन्हें यह देखकर बेहद दुख हुआ कि एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी लोग धर्म के नाम पर एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हो गए।

उन्होंने कहा कि समय के साथ उन्होंने ट्रोल्स को नजरअंदाज करना सीख लिया है। उनका मानना है कि जिंदगी बहुत छोटी है और इसे उन लोगों के साथ बिताना चाहिए जो वास्तव में आपके अपने हैं।

मां जरीन की प्रार्थना सभा

फराह ने अपनी मां की प्रार्थना सभा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस सभा में केवल एक धर्म के धार्मिक गुरु नहीं थे, बल्कि पारसी, हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और सिख धर्म के प्रतिनिधियों ने मिलकर प्रार्थना की। करीब दो हजार लोग इस श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए और सभी ने जरीन खान को अपने-अपने तरीके से श्रद्धांजलि दी। फराह का कहना है कि उनकी मां हमेशा सभी धर्मों का सम्मान करती थीं और उनकी विदाई भी उसी सोच को दर्शाती थी।

लंबी बीमारी के बाद हुआ था निधन

जरीन खान का नवंबर 2025 में 81 वर्ष की उम्र में मुंबई स्थित अपने घर पर निधन हुआ था। वह लंबे समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। जरीन खान एक अभिनेत्री और इंटीरियर डिजाइनर थीं। उनके परिवार में पति संजय खान और चार बच्चे हैं, जिनमें सुज़ैन खान भी शामिल हैं।

फराह खान अली का यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों ने उनकी मां की आखिरी इच्छा का सम्मान करने के फैसले की सराहना की है, जबकि कुछ लोग इस मुद्दे पर अपनी अलग-अलग राय भी व्यक्त कर रहे हैं।