
sp balasubrahmanyam
भारतीय सिनेमा से जाने माने संगीतकार, आवाज के धनी और कमाल के संगीत निर्देशक
श्रीपति पंडितराध्युला बालासुब्रमण्यम आज अपना जन्म दिन मना रहे हैं। जन्म 4 जून
1946 को जन्मे बाला सुब्रमण्यम, एक भारतीय पार्श्वगायक, अभिनेता, संगीत निर्देशक,
गायक और फिल्म निर्माता हैं। उन्हें कभी-कभी एसपीबी अथवा बालु के नाम से भी जाना
जाता है।
उन्होंने छ: बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के लिए राष्ट्रीय फिल्म
पुरस्कार और आन्ध्र प्रदेश सरकार द्वारा 25 बार तेलुगू सिनेमा में नन्दी पुरस्कार
भी जीता। बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में विभिन्न भाषाओं में चालीस हजार से भी
ज्यादा गाने गाए हैं। उनका जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ। इनके पिता थियेटर से जुड़े
थे। बालासुब्रमण्यम के जो भाई और पांच बहनें हैं। इनको बचपन से ही संगीत का शौक था।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान भी बालासुब्रमण्यम संगीत जुड़े रहे। इन्होंने पहली
बार तेलुगू कल्चर संस्था के म्यूजिक कॉम्पिटिशन जीता।
1966 में इनको
फिल्मों में गाने के लिए पहला ब्रेक मिला। यह एक तेलुगू फिल्म थी। इस गाने के महज
आठ दिन बाद ही बालासुब्रमण्यम को गैर तेलुगू फिल्म में गाने का मौका मिल गया। आठ
फरवरी 1981 को बालासुब्रमण्यम ने 12 घंटों में लगातार 21 गाने रिकॉड्र किए थे, जो
कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
1989 में बालासुब्रमण्यम को हिंदी फिल्मों
में गाने का मौका मिला और वो बॉलीवुड थी ब्लॉकबस्टर फिल्म मैंने प्यार किया। इस
फिल्म के एक गाने के लिए उन्हें बेस्ट मेल प्ले बैक सिंगर का अवॉर्ड भी मिला, वह
गाना था दिल दीवाना बिन सजना के माने ना। इसके साथ ही उनका लता मंगेश्कर के साथ
गाया गाना "दीदी तेरा देवर दीवाना" के लिए उन्हें फिल्म फेयर स्पेशल अवॉर्ड भी
मिला। एक कन्नड़ फिल्म के गीत के लिए उन्हें चौथा नेशनल फिल्म अवॉर्ड बेस्ट मेल
प्ले बैक सिंगर का अवार्ड मिला। हाल ही उन्होंने चैन्नई एक्सप्रेस फिल्म के लिए
"निकल न जाए कहीं, चैन्नई एक्सप्रेस" गीत गाया।
Published on:
03 Jun 2015 04:30 pm
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