हेमा मालिनी ने लिखा कि ये उनके जीवन का ऐसा पल था, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। जब वो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सम्मान लेने के लिए आगे बढ़ रही थीं, तब उन्हें अपने जीवनसाथी की मौजूदगी बेहद करीब महसूस हुई। उन्होंने कहा ऐसा लगा जैसे धर्मेंद्र ने उनका हाथ पकड़ा है। उस पल ने उन्हें उन तमाम यादों में वापस पहुंचा दिया, जो उन्होंने धर्मेंद्र के साथ बिताई थीं।