
ममता कुलकर्णी ने एआर रहमान पर दिया बयान
Mamta Kulkarni On AR Rahman: ममता कुलकर्णी बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस रह चुकी हैं, बाद में वह सिनेमा छोड़ साध्वी बन गई। उन्हें साल 2025 में किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया था। अब ममता कुलकर्णी को इससे बाहर कर दिया गया है। वहीं, इस समय इंडस्ट्री में ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान द्वारा बॉलीवुड में 'सांप्रदायिक भेदभाव' के आरोपों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूरी इंडस्ट्री में एक नई बहस छिड़ चुकी है। जहां कई दिग्गज कलाकार रहमान के इस दावे को नकार रहे हैं, वहीं अब इस विवाद में ममता कुलकर्णी भी कूद पड़ी हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर अपना बेबाक नजरिया पेश किया है। ममता ने न केवल बॉलीवुड में बढ़ते भेदभाव पर दुख जताया, बल्कि आज के संगीत के गिरते स्तर पर भी कटाक्ष किया है।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ममता कुलकर्णी ने कहा कि हर चीज की एक उम्र होती है और समय के साथ बदलाव आना लाजमी है। उन्होंने ए.आर. रहमान के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा, "संगीत अब युवाओं जैसा बन रहा है। पुराने समय में सब साथ मिलकर काम करते थे। अब, म्यूजिक डायरेक्टर भी पॉपकॉर्न खाने लगे हैं। बेचारे एआर. रहमान को अब खुश होना चाहिए कि मैं यहां आकर अपना काम क्यों करूं और कौन सा गाना गाऊं।"
बॉलीवुड में धर्म के नाम पर हो रहे भेदभाव पर ममता काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने बीते दिनों को याद करते हुए कहा, "मैं खुद को खुशनसीब मानती हूं कि मैंने 90 के दशक में काम किया। उस दौर में हम सब एक परिवार की तरह थे। आमिर खान अक्सर मेरे घर आकर बैठते थे, लेकिन हमने कभी नहीं सोचा कि कौन हिंदू है और कौन मुस्लिम। आज लोग कहते हैं कि फलां स्टार मुस्लिम है या हिंदू। यह देखना बहुत दुखद है। एक कलाकार सिर्फ कलाकार होता है, उसे धर्म के चश्मे से देखना बंद होना चाहिए।"
ममता कुलकर्णी ने एक किस्सा याद किया जब वह दुबई में ध्यान कर रही थीं, तब कोई फिल्म नहीं देखती थीं। एक क्रिश्चियन महिला ने 'कमीने' फिल्म का ज़िक्र किया तो ममता ने कहा कि टाइटल ही ऐसा है, गाने क्या होंगे? अब मैं दूध-दही जैसी हो गई हूं, स्पिरिचुअल जीवन जी रही हूं।
जब ममता से जब आगे पूछा गया कि क्या वे कभी दोबारा फिल्मों में वापसी करेंगी, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया। साध्वी के वेश में नजर आने वाली ममता ने कहा, "अब मेरा फिल्म इंडस्ट्री में लौटना नामुमकिन है। कोई इस भ्रम में न रहे कि मैं इन भगवा वस्त्रों को उतारकर कभी दोबारा ग्लैमर की दुनिया में जाऊंगी।"
बता दें कि ए.आर. रहमान ने हाल ही में दावा किया था कि पिछले आठ सालों में सत्ता परिवर्तन और सांप्रदायिक कारणों से उन्हें हिंदी फिल्मों में काम मिलना कम हो गया है। इस बयान पर शान, शंकर महादेवन और अनूप जलोटा जैसे सिंगर्स पहले ही कह चुके हैं कि काम कम मिलना 'वक्त का बदलाव' है, न कि कोई भेदभाव। अब ममता कुलकर्णी के इस बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी है।
Updated on:
28 Jan 2026 09:06 am
Published on:
28 Jan 2026 08:52 am
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