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‘हमारे बारह’ की रिलीज पर सुप्रीम कोर्ट की ‘सुप्रीम’ फटकार, बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’

Hamare Baarah Release Controversy: अन्नू कपूर की फिल्म 'हमारे बारह' पर सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला सुनाया है। एक बार फिर फिल्म के मेकर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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मुंबई

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Gausiya Bano

Jun 13, 2024

hamare baarah Controversy

फिल्म 'हमारे बारह' की रिलीज पर लगी रोक

Hamare Baarah Release Controversy: फिल्म 'हमारे बारह' पर सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बड़ा फैसला सुनाया है। विवादों में घिरी इस फिल्म के मेकर्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल फिल्म के रिलीज पर रोक लगा दी है। इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने मेकर्स द्वारा इस फिल्म के 2 डायलॉग को हटाने पर सहमति जताने के बाद इसकी रिलीज की अनुमति दे दी थी। कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि फिल्म भारत में इस्लाम के खिलाफ नफरत फैलाएगी और शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक है।

इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का बयान

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अन्नू कपूर की फिल्म 'हमारे बारह' की रिलीज पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक बॉम्बे हाई कोर्ट के द्वारा मामले की सुनवाई और निपटारा नहीं हो जाता, तब तक यह फिल्म रिलीज नहीं होगी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कहा, "हमने सुबह फिल्म का टीजर देखा और यह बेहद आपत्तिजनक है।"

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बात दें कि 'हमारे बारह' पहले 7 जून और फिर 14 जून को रिलीज होनी थी। ऐसे में याचिकाकर्ता अजहर बाशा तंबोली ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की, जिसमें फिल्म को दिए गए सर्टिफिकेट को रद्द करने और इसकी रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि फिल्म सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के प्रावधानों और नियमों का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ट्रेलर इस्लामी आस्था और विवाहित मुस्लिम महिलाओं के लिए अपमानजनक है। फिल्म की रिलीज संविधान के अनुच्छेद 19(2) और अनुच्छेद 25 का उल्लंघन करेगी। साथ ही ट्रेलर में विवाहित मुस्लिम महिलाओं को समाज में व्यक्तियों के रूप में कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं होने के रूप में दर्शाया गया और यह कुरान की आयत "आयत 223" की गलत व्याख्या पर आधारित है।